

IPL vs PSL: दुनिया भर की क्रिकेट लीग्स में जब भी तुलना होती है, तो आईपीएल (IPL) और पीएसएल (PSL) के नाम सबसे पहले आते हैं. लेकिन जब बात ‘पैसे’ और ‘मार्केट वैल्यू’ की आती है, तो आईपीएल एक ऐसा पहाड़ है जिसके सामने पीएसएल एक छोटा सा टीला नजर आता है. हाल ही में पीएसएल की नई टीमों की बिक्री के आंकड़ों ने इस अंतर को एक बार फिर दुनिया के सामने ला दिया है.
5 खिलाड़ी बनाम 2 टीमें
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पीएसएल के आगामी सीजन के लिए दो नई टीमों को शामिल करने की प्रक्रिया पूरी की है. इस लीग में पहले 6 टीम थीं, जो अब बढ़कर 8 हो गई है. रिपोर्टों के अनुसार, इन दो नई टीमों की कुल कीमत इतनी कम है कि आईपीएल के टॉप 5 खिलाड़ियों की कुल सैलरी उससे कहीं ज्यादा बैठती है.
आईपीएल 2026 के मेगा ऑक्शन और रिटेंशन के बाद, टॉप 5 खिलाड़ियों की कुल सालाना सैलरी ₹110 करोड़ से ₹125 करोड़ के बीच बैठती है. वहीं, पीएसएल की दो नई टीमों की सालाना फ्रेंचाइजी फीस का कुल योग ₹100 करोड़ के आंकड़े को भी पार नहीं कर पाया है.
इतना बड़ा अंतर क्यों?
आईपीएल और पीएसएल में यह अंतर केवल खेल का नहीं, बल्कि ब्रॉडकास्टिंग राइट्स और बाजार की वैल्यू का है. आईपीएल के मीडिया राइट्स करीब ₹48,000 करोड़ में बिके हैं, जबकि पीएसएल के राइट्स इसका 1% भी नहीं हैं. दुनिया भर की बड़ी कंपनियां आईपीएल की टीमों से जुड़ने के लिए करोड़ों खर्च करती हैं, जबकि पाकिस्तान को बड़े स्पॉन्सर्स नहीं मिलते है. आईपीएल में दुनिया के सभी बड़े खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, जिससे इसकी व्यूअरशिप ग्लोबल हो जाती है.





















