

विश्व स्तर पर ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव ने पूरी दुनिया को परेशान कर रखा है। हालांकि यह जंग अमेरिका के प्रयासों से शुरू हुई, लेकिन अब उसके परिणाम अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए भी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहे हैं। ट्रंप के बयान और फैसलों ने उनके प्रशासन के भीतर अस्थिरता के संकेत दे दिए हैं।
प्रशासन के भीतर हलचल
हाल के निर्णयों ने स्पष्ट कर दिया है कि व्हाइट हाउस में सब कुछ सुचारू नहीं चल रहा। कुछ दिन पहले ही अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को उनके पद से हटाया गया। इस बदलाव के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि ट्रंप अपनी टीम में और भी कई महत्वपूर्ण फेरबदल कर सकते हैं।
टीम बदलाव की तैयारी
ईरान को लेकर राजनीतिक मतभेद बढ़ते जा रहे हैं। सिर्फ चार दिनों में जंग का बोझ ट्रंप पर स्पष्ट होने लगा। इस संघर्ष को अब एक महीने से अधिक समय हो चुका है, फिर भी इसके समाप्ति की कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं दिखाई दे रही।
पांच हफ्तों का संघर्ष
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया और जंग की घोषणा की। उस समय ट्रंप ने दावा किया था कि यह संघर्ष 2-4 दिनों में समाप्त हो जाएगा। लेकिन अब एक महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है।
इसका असर आम जनता पर भी महसूस किया जा रहा है। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ गए हैं, महंगाई की चिंता बढ़ी है, और जनता पर जंग का बोझ साफ दिखाई दे रहा है। ट्रंप की लोकप्रियता लगातार घट रही है और उनकी अप्रूवल रेटिंग केवल 36 प्रतिशत रह गई है, जो उनके कार्यकाल का सबसे निचला स्तर है।
लोकप्रियता बढ़ाने की कोशिश: टीम में फेरबदल
ट्रंप इस गिरती लोकप्रियता को रोकने के लिए अपनी टीम में बदलाव करने की तैयारी कर रहे हैं। व्हाइट हाउस से देश को संबोधित करने के उनके प्रयास भी अपेक्षित प्रभाव नहीं दे पाए।

































