

बलौदाबाजार : ग्राम अलदा में प्रस्तावित स्पंज आयरन प्लांट को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आरोपों ने माहौल को और गर्म कर दिया है, तो वहीं दूसरी ओर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने मामले की जांच की बात कहकर स्थिति को नया मोड़ दे दिया है।
भूपेश बघेल के आरोपों से शुरू हुआ विवाद, फर्जी एनओसी का मुद्दा उठा
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने देवरी और अलदा क्षेत्र के किसानों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि ग्राम अलदा में स्पंज आयरन प्लांट स्थापित करने के लिए कथित रूप से फर्जी एनओसी का सहारा लिया गया है। इस मुद्दे पर उन्होंने स्थानीय विधायक और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को भी घेरा था, जिससे राजनीतिक हलचल और बढ़ गई।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा का जवाब, नियमों के पालन पर जोर
अब इस पूरे मामले पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट कहा है कि उद्योग स्थापना की प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी गांव में प्लांट लगाने का निर्णय पंचायत और ग्रामीणों की सहमति पर आधारित होना चाहिए।
मंत्री ने यह भी साफ किया कि यदि ग्रामीण एनओसी देना चाहते हैं तो उनकी इच्छा का सम्मान होना चाहिए और यदि वे सहमत नहीं हैं तो किसी तरह का दबाव नहीं डाला जाना चाहिए।
अनियमितता मिली तो होगी निष्पक्ष जांच: मंत्री का सख्त रुख
टंकराम वर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एक वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें औद्योगिक प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि एनओसी प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। इस बयान से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
ईंधन संकट पर भी टिप्पणी, संयमित उपयोग की अपील
इसी बीच मंत्री ने प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती मांग और लंबी कतारों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण ईंधन पर दबाव की स्थिति बन रही है, इसलिए आम जनता को समझदारी से इसका उपयोग करना चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि जहां संभव हो, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें ताकि ईंधन की बचत हो सके और सड़कों पर अनावश्यक भीड़ कम हो।
बढ़ती सियासत के बीच अब नजर जांच और आगे की कार्रवाई पर
अलदा प्लांट को लेकर उठे इस विवाद ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर दबाव बढ़ा दिया है। एक ओर आरोपों की गंभीरता है, तो दूसरी ओर सरकार जांच के संकेत दे रही है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आगे यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।





















