


जशपुर; गौ तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत जिले में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने बीते तीन दिनों में अलग–अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए कुल 74 नग गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। इस दौरान दो गौ तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है। यह कार्रवाई थाना नारायणपुर एवं चौकी मनोरा क्षेत्रांतर्गत की गई।
पुलिस अधीक्षक एवं डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में जिले भर में गौ तस्करी के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में दिनांक **02 फरवरी 2026 की सुबह करीब 5 बजे, थाना नारायणपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम चटकपुर-चांचीडांड के पास बेने डेम क्षेत्र में कुछ लोग भारी संख्या में गौवंशों को बेरहमी से हांकते हुए झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। सूचना पर तत्काल पुलिस टीम रवाना हुई और बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर दबिश दी गई।
पुलिस को देखते ही तस्करों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम ने दो संदिग्धों को मौके पर पकड़ लिया, जबकि अन्य जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। पकड़े गए आरोपियों में अमन टोप्पो (20 वर्ष) निवासी ग्राम कजरा, थाना नारायणपुर एवं एक 16 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक शामिल है। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर गौवंशों को झारखंड ले जा रहे थे। उनके पास से 32 नग गौवंशों को सुरक्षित बरामद किया गया, जिनका पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।दोनों आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। आरोपी अमन टोप्पो को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया, जबकि नाबालिग को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।
वहीं दूसरी ओर, 31 जनवरी 2026 को चौकी मनोरा क्षेत्रांतर्गत ग्राम केसरा के बड़ा पहाड़ जंगल में ग्रामीणों के सहयोग से पुलिस ने 42 गौवंशों को मुक्त कराया। तस्कर मौके से फरार हो गए। इस मामले में भी आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तलाश जारी है।
डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस गौ तस्करी को लेकर अत्यंत संवेदनशील है और इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
































