

बलरामपुर। बलरामपुर जिले में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल को रेफर किया गया है और तीन अन्य घायलों का इलाज स्थानीय स्तर पर जारी है। पुलिस दोनों मामलों में जांच में जुटी हुई है।
पहली घटना: राजपुर थाना क्षेत्र के बरियों चौकी अंतर्गत कल्याणपुर रोड स्थित चंदनबाड़ी के पास शाम करीब 5 बजे विश्रामपुर से मेहमान बनकर बरियों के डकवा आए लोग वापस लौट रहे थे, तभी उनकी सोल्ड बलेनो कार अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। हादसे में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे जिला अस्पताल अंबिकापुर रेफर किया गया है, जबकि तीन अन्य घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरियों में चल रहा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
दूसरी घटना: शंकरगढ़ थाना क्षेत्र में रात करीब 9 बजे अमृत पैंकरा (20 वर्ष) पिता भक्तु पैंकरा अपनी बाइक सीजी30 डी 9819 से बस्ती की ओर जा रहा था तभी चिरई के पास पिकअप वाहन सीजी15 एफ 3198 ने उसे टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद पिकअप चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।पुलिस दोनों मामलों में आगे की कार्रवाई कर रही है।
बढ़ती आबादी और दूरस्थ क्षेत्रों की जरूरतों को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है, जहां लगभग 1 से 2 लाख की आबादी सहित आसपास के सैकड़ों गांवों, वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों के लोग उपचार के लिए निर्भर हैं। क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और बढ़ती मरीज संख्या को देखते हुए यहां स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
स्थानीय स्तर पर यह महसूस किया जा रहा है कि केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों जैसे स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, सर्जन और फिजिशियन की उपलब्धता बढ़ाई जानी चाहिए। इसके साथ ही बेड क्षमता, आईसीयू/एचडीयू, ब्लड बैंक या ब्लड स्टोरेज यूनिट तथा आधुनिक जांच सुविधाओं जैसे एक्स-रे, सोनोग्राफी और पैथोलॉजी सेवाओं के विस्तार की आवश्यकता भी बताई जा रही है।वर्तमान में गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए अंबिकापुर रेफर करना पड़ता है। राजपुर से अंबिकापुर की दूरी लगभग 50 से 70 किलोमीटर है, और मार्गों में वन क्षेत्र, घुमावदार सड़कें तथा कुछ स्थानों पर सड़क की स्थिति चुनौतीपूर्ण होने के कारण आपातकालीन स्थिति में समय पर पहुंचना कठिन हो जाता है।
इस संबंध में सामाजिक प्रतिनिधि द्वारा ज्ञापन प्रस्तुत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर को सिविल/उप-जिला अस्पताल में उन्नयन करने का अनुरोध किया गया है। ज्ञापन में 24×7 आपातकालीन एवं ट्रॉमा सेवा, आईसीयू/एचडीयू की स्थापना, ब्लड बैंक/ब्लड स्टोरेज यूनिट तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थापना जैसी सुविधाओं की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि समयानुकूल स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होने से क्षेत्र की बड़ी आबादी को बेहतर और त्वरित उपचार मिल सकेगा तथा आपातकालीन परिस्थितियों में जोखिम को कम किया जा सकेगा।

































