

गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र अंतर्गत उरमाल गांव में आयोजित 6 दिवसीय आर्केस्ट्रा (ओपेरा) कार्यक्रम के दौरान गंभीर अनियमितताओं और अश्लीलता का मामला सामने आया है। कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार उरमाल में युवा समिति द्वारा 29 दिसंबर 2025 को मैनपुर एसडीएम तुलसी दास मरकाम से अनुमति लेकर 6 दिवसीय मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस आयोजन में ओडिशा के कटक स्थित जय दुर्गा ओपेरा की डांसरों को आमंत्रित किया गया था। 8, 9 और 10 जनवरी को हुए कार्यक्रम में डांसरों द्वारा अर्धनग्न अवस्था में अश्लील नृत्य प्रस्तुत किए गए, जिसका प्रचार शहर और आसपास के क्षेत्रों में खुलेआम किया गया था।
कार्यक्रम में प्रतिदिन रात करीब 11 बजे से सुबह 3 बजे तक डांस चलता रहा। भीड़ बेकाबू बताई जा रही है, जहां प्रशासनिक अधिकारी, पुलिसकर्मी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। आरोप है कि कई रसूखदारों द्वारा मंच पर नाच रही डांसरों पर खुलेआम पैसे लुटाए गए और अश्लील हरकतें की गईं।सबसे गंभीर आरोप यह है कि 9 जनवरी को मैनपुर एसडीएम तुलसी दास मरकाम स्वयं कार्यक्रम में मौजूद रहे। वायरल वीडियो में वे अर्धनग्न डांसरों का वीडियो अपने मोबाइल से बनाते हुए और मंच के पास बैठे नजर आ रहे हैं। हालांकि, इस मामले में अब तक एसडीएम के खिलाफ कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं की गई है, जिसको लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है।
वहीं, एक अन्य वीडियो में देवभोग थाने में पदस्थ दो पुलिसकर्मी डांसरों के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे हैं। मामला सामने आने के बाद 10 जनवरी को एसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरक्षक जय कुमार कंसारी और शुभम चौहान को लाइन अटैच कर दिया है।
आयोजन से जुड़ी आर्थिक जानकारी भी सामने आई है। बताया गया कि समिति को प्रतिदिन करीब 1.20 लाख रुपये खर्च करने थे। अतिरिक्त अश्लील डांस के लिए अलग से डांसर बुलाए गए, जिनकी एक दिन की फीस लगभग 60 हजार रुपये तय थी। दर्शकों के लिए 200 से 400 रुपये तक के टिकट रखे गए थे।देवभोग थाना प्रभारी फैजुल शाह ने बताया कि 10 जनवरी को एक स्थानीय युवक द्वारा लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर आयोजक देवेंद्र राजपूत, गोविंद देवांगन, नरेंद्र साहू और हसन डाडा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 (3)(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर मुचलके पर रिहा किया गया है।
थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि आयोजन की अनुमति 10 जनवरी तक दी गई थी, लेकिन शिकायत मिलने के बाद उसी दिन कार्यक्रम को बंद करवा दिया गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और ग्रामीणों द्वारा एसडीएम सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की जा रही है।






















