

Bilaspur News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला स्थित गुरु घासी दास विश्वविद्यालय के कुलपति आलोक कुमार के खिलाफ कई वर्ग के लोगों ने मोर्चा खोल दिया है. एक तरफ NSUI के पदाधिकारियों ने जहां सेंट्रल यूनिवर्सिटी के सामने कुलपति का पुतला दहन किया. वहीं, दूसरी तरफ साहित्यकारों का एक जत्था कलेक्टर ऑफिस पहुंचा और कुलपति को हटाने की मांग की.
जानें पूरा मामला
दो दिन पहले कुलपति आलोक कुमार ने राष्ट्रीय परी संवाद आयोजन के दौरान साहित्यकार मनोज रूपण को बेइज्जत किया था. उन्हें कार्यक्रम से चले जाने और दोबारा इस आयोजन में शामिल नहीं होने की बात कही थी, जिसके बाद ही साहित्यकार और अलग-अलग वर्ग के लोग इस बात की निंदा कर रहे हैं. इसी कड़ी में आज बिलासपुर में NSUI कार्यकर्ताओं ने कुलपति का पुतला दहन कर विरोध प्रकट किया है.
साहित्यकारों ने जताया विरोध
वहीं, साहित्यकारों का एक दल भी आज बिलासपुर कलेक्टर ऑफिस पहुंचे और उस आयोजन में हुए घटना की निंदा करते हुए सभी ने एक स्वर में कहा है कि यह बेहद ही शर्मनाक हरकत है और इस तरह की हरकत के कारण यूनिवर्सिटी की छवि धूमिल हुई है.
बता दें कि एक दिन पहले कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने भी राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंप कर कुलपति को हटाने की मांग की है. कुल मिलाकर हर तरफ कुलपति को हटाने और कार्रवाई की बात हो रही है. उन्होंने अपने पत्र में लिखा- ‘विश्वविद्यालय में कार्यक्रम के दौरान कुलपति का आचरण अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, असंवैधानिक और विश्वविद्यालय की गरिमा के प्रतिकूल रहा है. इस घटना से न केवल विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है, बल्कि देशभर से आए साहित्यकारों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों में भी गहरा रोष उत्पन्न हुआ है.’ साथ ही उन्होंने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए कुलपति को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने और कुलपति की कार्यकाल की समस्त नियुक्तियों और आदेशों की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी की है.






















