लॉस एंजिल्स : एलन मस्क ने अंतरिक्ष पर राज करने की तैयारी शुरू कर दी है। दरअसल अंतरिक्ष से इंटरनेट उपलब्ध कराने के बाद अब SpaceX अंतरिक्ष में डेटा सेंटर्स का जाल बिछाने की तैयारी में है। इसके लिए मस्क ने अमेरिकी रेगुलेटर FCC से अनुमति मांगी है। रिपोर्ट्स के अनुसार मस्क 10 लाख सैटेलाइट्स का एक ऐसा समूह लॉन्च करना चाहते हैं, जो सीधे सूरज की रौशनी से ऊर्जा लेकर AI डेटा सेंटर्स को चलाएंगे। इस कदम के साथ मस्क Google, Meta और OpenAI जैसी कंपनियों को बड़ी टक्कर देने की तैयारी कर रहे हैं। यह मिशन सफल होता है, तो डेटा स्टोरेज और प्रोसेसिंग की दुनिया पूरी तरह से बदल सकती है।

सर्वर के लिए बिजली नहीं बनेगी संकट
जमीन पर डेटा सेंटर चलाने के लिए बड़ी मात्रा में बिजली और पानी की जरूरत पड़ती है। ऐसे में डेटा सेंटर पर्यावरण के लिए ही एक चुनौती बन जाते हैं। हालांकि स्पेस में बनने वाले डेटा सेंटर को इन दोनों ही चीजों की जरूरत नहीं होगी। दरअसल अंतरिक्ष में बनने वाले डेटा सेंटर की उर्जा खपत सौर ऊर्जा से पूरी हो जाएगी। बता दें कि अंतरिक्ष में सूरज की रौशनी हमेशा उपलब्ध रहती है, ऐसे में स्पेसएक्स के डेटा सेंटर को अंतरिक्ष में उर्जा की कमी नहीं होगी। मस्क की ओर से मांगी गई अनुमति के मुताबिक इससे न सिर्फ बिजली का खर्च कम होगा, बल्कि रखरखाव की लागत भी लगभग शून्य हो जाएगी। ऐसे में यह पारंपरिक डेटा सेंटर्स की तुलना में काफी सस्ते और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाने वाला ऑप्शन साबित होगा।

10 लाख सैटेलाइट्स का लक्ष्य और स्टारशिप का सहारा
रिपोर्ट के मुताबिक,(REF.) अंतरिक्ष में इस समय 15,000 सैटेलाइट एक्टिव हैं, ऐसे में मस्क की ओर से 10 लाख सैटेलाइट के आवेदन ने सभी को चौंका दिया है। हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह संख्या डिजाइन के लचीलापन के लिए तय की गई है। मस्क के सपने को सच करने का जिम्मा स्टारशिप रॉकेट पर होगा। मस्क का मानना है कि स्टारशिप जैसे पूरी तरह से दोबारा इस्तेमाल होने वाले रॉकेट लाखों टन वजन अंतरिक्ष में ले जा सकते हैं। अगर मस्क का स्टारशिप सफल होता है, तो इससे डेटा प्रोसेसिंग उस उच्च स्तर पर पहुंच जाएगी, जिसकी तुलना किसी मौजूदा सिस्टम से नहीं की जा सकती।

xAI और SpaceX आ सकते हैं साथ
इस बीच यह खबर भी आ रही है कि मस्क अपनी दो कंपनियों xAI और SpaceX का विलय कर सकते हैं। इसके साथ-साथ इस साल के आखिर तक एक बड़े पब्लिक ऑफरिंग यानी कि IPO लाने की तैयारी भी चल रही है। दरअसल मस्क अपनी दो कंपनियों को मिलाकर खुद का सैटेलाइट नेटवर्क और अपना खुद का AI सिस्टम पाना चाहते हैं। इससे उन टेक कंपनियों को सीधी टक्कर मिलेगी जो फिलहाल AI की रेस में आगे हैं। अंतरिक्ष में डेटा प्रोसेसिंग से डेटा ट्रांसफर की स्पीड बढ़ जाएगी। इसका फायदा मस्क के बाकी के प्रोजेक्ट्स को भी मिलेगा।

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