


नई दिल्ली/रायपुर: किसान की मेहनत, उसकी फसल और उसके भविष्य से खिलवाड़ अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नकली बीज, नकली खाद और नकली कीटनाशकों के जरिए किसानों को नुकसान पहुँचाने वाले तत्वों के खिलाफ केंद्र सरकार निर्णायक, कठोर और दंडात्मक कार्रवाई के रास्ते पर आगे बढ़ चुकी है। किसानों को कानूनी सुरक्षा का मजबूत कवच प्रदान करने के लिए संसद में शीघ्र ही नए कृषि कानून लाए जाएंगे। यह स्पष्ट और सख्त नीति-संदेश केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के एक दिवसीय प्रवास के दौरान दिया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता किसान और उनका सर्वांगीण विकास है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि कुछ असामाजिक तत्व नकली कृषि आदानों के माध्यम से किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, जो केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि किसान के साथ सीधा विश्वासघात है। ऐसे लोगों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रवास के आरंभ में खेतों की मेड़ पर उतरे केंद्रीय मंत्री
अपने प्रवास की शुरुआत में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने दुर्ग जिले के ग्राम गिरहोला एवं खपरी का दौरा किया, जहाँ उन्होंने खेतों की मेड़ पर उतरकर किसानों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने नर्सरी, खेतों और कृषि फार्मों का निरीक्षण करते हुए फसल चक्र, बागवानी, सिंचाई व्यवस्था, बीज उत्पादन और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी ली।
ग्राम गिरहोला में केंद्रीय मंत्री ने आम के पौधे का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि किसानों के लिए दीर्घकालीन आय का सशक्त स्रोत भी बन सकता है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे कृषि के साथ-साथ बागवानी और वृक्ष आधारित खेती को भी अपनाएँ।इसके पश्चात् केंद्रीय कृषि मंत्री ग्राम खपरी स्थित अनिल कृषि फार्म पहुँचे, जहाँ उन्होंने खेतों का निरीक्षण कर किसानों से संवाद किया। किसान चौपाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रगतिशील किसानों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के किसान पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपना रहे हैं, जो पूरे देश के लिए प्रेरणादायी है।
किसानों से संवाद करते हुए श्री चौहान ने कहा कि धान की पारंपरिक खेती के साथ बागवानी, सब्जी उत्पादन और विविधीकृत कृषि अपनाने से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। किसानों ने भी बताया कि धान की तुलना में बागवानी फसलों से अधिक लाभ मिल रहा है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने फसल विविधीकरण को समय की आवश्यकता बताते हुए अन्य किसानों को भी इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
केंद्र सरकार की प्रमुख कृषि योजनाओं पर फोकस
केंद्रीय मंत्री ने किसानों को केंद्र सरकार की प्रमुख कृषि योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से छोटे एवं सीमांत किसानों को प्रत्यक्ष लाभांतरण दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को सुरक्षा प्रदान की जा रही है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के माध्यम से कृषि नवाचार और उत्पादन वृद्धि को प्रोत्साहित किया जा रहा है। डिजिटल कृषि मिशन और ड्रोन तकनीक के जरिए फसल निगरानी, कीटनाशक छिड़काव और लागत में कमी सुनिश्चित की जा रही है।
प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण को बताया भविष्य की राह
उन्होंने प्राकृतिक खेती, सूक्ष्म सिंचाई और जल संरक्षण आधारित कृषि को भविष्य की खेती बताते हुए किसानों से अधिक से अधिक इन योजनाओं से जुड़ने का आह्वान किया।
कृषि के साथ-साथ ग्रामीण विकास योजनाओं पर भी केंद्रीय मंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से गांवों की बुनियादी संरचना, संपर्क सुविधा, रोजगार और आत्मनिर्भरता को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल भवन और सड़क तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सम्मानजनक जीवन और आजीविका से जुड़ा हुआ है।
किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने का संकल्प
अपने संबोधन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में कृषि को लाभकारी बनाया जाए और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि हो। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक तकनीक, मजबूत नीति, प्रभावी कानून और किसानों की मेहनत से कृषि क्षेत्र में नई क्रांति आएगी।
केंद्रीय कृषि मंत्री का यह एक दिवसीय प्रवास राज्य में कृषि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, किसानों को जागरूक करने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
इस अवसर पर प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण तथा आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, स्कूल शिक्षा, विधि एवं कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव, विधायक अहिवारा डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, कृषि अनुसंधान से जुड़े वैज्ञानिक, वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।































