सूरजपुर: शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उसे जीवन से जोड़ने की दिशा में विकासखंड प्रेमनगर के शासकीय प्राथमिक शाला पीपरडांड में एक अभिनव पहल की गई है। विद्यालय में विद्यार्थियों की दैनिक दिनचर्या में अखबार वाचन को शामिल किया गया है, जिससे परीक्षा केंद्रित शिक्षा को ज्ञान केंद्रित शिक्षा में परिवर्तित करने की दिशा में सार्थक कदम उठाया गया है।

इस पहल का उद्देश्य केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सोचने, समझने, तर्क करने और सवाल पूछने की आदत विकसित करना है। सहायक शिक्षक राजेन्द्र जायसवाल ने बताया कि बढ़ते मोबाइल स्क्रीन टाइम के कारण बच्चों में पढ़ने की संस्कृति कमजोर हो रही है। ऐसे में समाचार पत्र वाचन शिक्षा सुधार का प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है।

नई व्यवस्था के तहत विद्यालय की प्रार्थना सभा अब केवल अनुशासन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जागरूकता की पाठशाला बनेगी। छात्र-छात्राएं प्रतिदिन अखबार की प्रमुख सुर्खियां पढ़ेंगे और देश-दुनिया की समसामयिक घटनाओं से जुड़ेंगे।इसके अतिरिक्त सप्ताह में एक दिन विद्यार्थियों को किसी संपादकीय विषय पर मौलिक लेखन एवं समूह चर्चा कराई जाएगी। इससे बच्चों में विचार-विमर्श, संवाद कौशल, अभिव्यक्ति क्षमता और संस्कारों का विकास होगा। विद्यालय की इस पहल की सराहना क्षेत्र में की जा रही है।

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