छत्तीसगढ़ : सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक नया बदलाव लागू किया जा रहा है। नए शैक्षणिक सत्र यानी 16 जून से सभी विद्यार्थियों के लिए सुबह की प्रार्थना सभा में मंत्रोच्चार को अनिवार्य किया जाएगा।


राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत से होगी दिन की शुरुआत

नई व्यवस्था के तहत स्कूलों में दिन की शुरुआत अब National Anthem of India और National Song Vande Mataram से होगी। इसके बाद दीप वंदना, सरस्वती वंदना और गुरु मंत्र का उच्चारण कराया जाएगा।


शिक्षा मंत्री ने बताया उद्देश्य

शिक्षा मंत्री Gajendra Yadav ने कहा है कि इस पहल का उद्देश्य केवल किताबी शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों का समग्र विकास करना है। इसके जरिए बच्चों को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।


पढ़ाई में होंगे व्यापक बदलाव

सरकार की योजना के अनुसार स्कूल शिक्षा प्रणाली में कई बदलाव किए जाएंगे। इसमें बारहखड़ी से लेकर आधुनिक तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक की जानकारी छात्रों को दी जाएगी, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।


महापुरुषों पर होंगे विशेष व्याख्यान

नई व्यवस्था के तहत हर महीने दो से तीन महापुरुषों पर व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को उनके जीवन और विचारों से प्रेरणा मिल सके।


विपक्ष की प्रतिक्रिया भी सामने आई

इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और विपक्ष की ओर से भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। हालांकि सरकार का कहना है कि यह कदम शिक्षा और संस्कार दोनों को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है।

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