बीजापुर: नक्सल प्रभावित थाना फरसेगढ़ क्षेत्र के ग्राम मुक्कावेली में 29 जनवरी 2026 को एक नवीन सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प की स्थापना की गई है। यह कैम्प डीआरजी, जिला बल एवं छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की 19वीं वाहिनी (डी समवाय) की संयुक्त टीम द्वारा स्थापित किया गया। यह पहल न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करेगी, बल्कि विकास के नए द्वार भी खोलेगी।दुर्गम भौगोलिक स्थिति, कठिन रास्ते और प्रतिकूल मौसम के बावजूद सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस व संकल्प के साथ यह उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2024 से अब तक बीजापुर जिले में 32 नवीन सुरक्षा कैम्प*स्थापित किए जा चुके हैं, जो नक्सल उन्मूलन अभियान में एक बड़ी सफलता माने जा रहे हैं।

यह कैम्प भोपालपटनम्–फरसेगढ़–सेण्ड्रा–गढ़चिरौली मार्ग को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे नेशनल पार्क क्षेत्र के सुदूर गांवों को सड़क व अन्य बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे प्रशासनिक पहुंच और आवागमन आसान होगा।कैम्प की स्थापना से क्षेत्र के ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, पीडीएस, मोबाइल नेटवर्क, सड़क व पुल-पुलिया जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे माओवादियों की अंतर्राज्यीय गतिविधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।

वर्ष 2024 से अब तक जिले में 876 माओवादी पुनर्वासित 229 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए, 1151 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं।ये आंकड़े नक्सल विरोधी अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।यह कैम्प आईजी बस्तर रेंज सुन्दरराज पी. के मार्गदर्शन में,एसपी डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव, एएसपी चन्द्रकांत गवर्ना,अति. पुलिस अधीक्षक  मनोज तिर्की,एसडीओपी अमन लखीसरानी तथा
डीएसपी  सिद्धार्थ सिंह चौहान की उपस्थिति में,
छत्तीसगढ़ शासन की “नियद नेल्ला नार” योजना के अंतर्गत स्थापित किया गया।

कैम्प की स्थापना से क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास का वातावरण बना है। ग्रामीणों में सरकार और सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास बढ़ा है और अब इस सुदूर अंचल में भी विकास की रोशनी पहुंचने लगी है।

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