

बीजापुर: नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा मजबूत करने और विकास को गति देने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया गया है। थाना फरसेगढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सागमेटा में 24 जनवरी 2026 को नवीन सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प की स्थापना सफलतापूर्वक की गई।
इस कैम्प की स्थापना डीआरजी, एसटीएफ, जिला बल एवं छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की 2री वाहिनी ‘डी’ समवाय की संयुक्त टीमों द्वारा की गई। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और कड़ाके की ठंड के बावजूद सुरक्षा बलों ने साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए इस अभियान को सफल बनाया वर्ष 2024 से अब तक बीजापुर जिले में कुल 31 नवीन सुरक्षा कैम्पों की स्थापना की जा चुकी है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप अब तक 876 माओवादियों ने आत्मसमर्पण, 229 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए=तथा 1126 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है।
नवीन कैम्प की स्थापना से भोपालपटनम–फरसेगढ़–सेण्ड्रा–गढ़चिरौली मार्ग पर प्रशासनिक पहुंच सुदृढ़ होगी। इससे नेशनल पार्क क्षेत्र के सुदूर गांवों को सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जोड़ने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।इस कैम्प के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, पीडीएस, सड़क, पुल-पुलिया एवं मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही माओवादियों की अंतर्राज्यीय गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी।
कैम्प की स्थापना छत्तीसगढ़ शासन की “नियद नेल्ला नार” योजना के अंतर्गत की गई। यह कार्य सुन्दरराज पी., पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज, के मार्गदर्शन में तथा डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव पुलिस अधीक्षक बीजापुर, अमन कुमार झा एएसपी (ऑप्स), मनोज तिर्की एएसपी, अमन लखीसरानी एसडीओपी फरसेगढ़ एवं सिद्धार्थ चौहान डीएसपी की उपस्थिति में संपन्न हुआ।






















