

अम्बिकेश गुप्ता
कुसमी। विकासखंड कुसमी स्थित भविष्य कम्प्यूटर एजुकेशन संस्थान के 4 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चौथे वार्षिक उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत कुसमी उपाध्यक्ष अशोक सोनी उपस्थित रहे, वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में जनपद पंचायत कुसमी पूर्व उपाध्यक्ष जन्मजय सिंह ठाकुर, पार्षद सीजे प्रजापति एवं इंद्रदेव निकुंज शामिल हुए। इस कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि के रूप में संस्थान द्वारा उपस्थित अतिथियों के हाथों कुल 150 छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क कम्प्यूटर सेट वितरित किए गए। इस सराहनीय पहल को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में पहली बार देखने को मिला, जिसे क्षेत्र के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्य अतिथि अशोक सोनी ने अपने उद्बोधन में बच्चों को कम्प्यूटर शिक्षा के प्रति प्रेरित करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में कम्प्यूटर का ज्ञान अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि “डिजिटल भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी तभी संभव है, जब वे तकनीकी रूप से सक्षम हों।”
वहीं विशिष्ट अतिथि जन्मजय सिंह ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि पहले के समय में सीमित शैक्षणिक संस्थान हुआ करते थे, लेकिन अब शिक्षा का विस्तार तेजी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि “पहले टाइपिंग मशीन के माध्यम से कार्य किया जाता था, लेकिन वर्तमान समय में कम्प्यूटर के बिना शिक्षा अधूरी है। आज छोटे-से-छोटे रोजगार के लिए भी कम्प्यूटर ज्ञान अनिवार्य हो गया है।” उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं और उच्च पदों तक पहुंचकर क्षेत्र का नाम रोशन करें।
कार्यक्रम के अंत में संस्थान के संस्थापक अरबाज अंसारी ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। वहीं संस्थान की सहयोगी नगमा परवीन ने अतिथियों के मार्गदर्शन पर अमल करने का आग्रह करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। वहीं मंच के सफल संचालन के साथ - साथ इस अवसर पर संस्थान की सहयोगी नगमा परवीन ने भी अपनी मधुर आवाज से गीत की प्रस्तुति देकर उपस्थित सभी जनों का मन मोह लिया। समारोह में बड़ी संख्या में अभिभावक, छात्र-छात्राएं, पत्रकार साथी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल आयोजन संस्थान की टीम के समर्पण और प्रयासों का परिणाम रहा।

































