अंबिकापुर: सरगुजा जिले के उदयपुर थाना क्षेत्र में हुए एक जघन्य हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आपसी विवाद के चलते एक युवक की बेरहमी से हत्या कर उसके शव को डबरी में फेंक दिया गया था, जबकि साक्ष्य मिटाने की भी कोशिश की गई।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हनुमानगढ़ निवासी शीतल कुमार 15 मार्च को अपने साथी टेकराम के साथ ग्राम पोतका में एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। 16 मार्च को उसके भाई मनोज कुमार को मोबाइल के जरिए सूचना मिली कि शीतल के साथ मारपीट कर उसकी हत्या कर दी गई है और शव को डबरी में फेंक दिया गया है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जहां डबरी के पानी में शीतल का शव पड़ा मिला। शव के पास खून से सना जूट का बोरा, मोबाइल और गमछा भी बरामद हुआ।

प्रार्थी की शिकायत पर थाना उदयपुर में अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के निर्देशन में पुलिस टीम गठित की गई। घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए गए और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। मृतक के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें डॉक्टरों ने सिर में गंभीर चोट के कारण मौत होना बताया और इसे हत्या करार दिया।जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रमोद सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि आपसी विवाद के चलते उसने डंडा और टांगी के पिछले हिस्से से शीतल के सिर पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने अपने रिश्तेदार राजेश कुमार के साथ मिलकर शव को डबरी में फेंक दिया।इतना ही नहीं, आरोपी प्रमोद सिंह के पिता बहादुर और मां पवारों ने घर में गिरे खून को साफ कर गोबर से लिपाई कर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। पुलिस ने मामले में शामिल चारों आरोपियों प्रमोद सिंह, राजेश कुमार, बहादुर और पवारों को गिरफ्तार कर लिया है।आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त डंडा, टांगी, मोटरसाइकिल और खून लगे कपड़े भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना उदयपुर पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।

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