

भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए गए। सरकार ने सामाजिक आयोजनों से लेकर किसानों के हित, सड़क विकास, अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों और प्रशासनिक सुधारों तक कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं।
अंबेडकर जयंती पर राज्यव्यापी आयोजन, संत रविदास वर्ष का ऐलान
14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर 8 से 14 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हर जिले में प्रभारी मंत्री नियुक्त किए गए हैं ताकि आयोजन प्रभावी ढंग से संपन्न हो सके। राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम भिंड में होगा।
इसके साथ ही संत रविदास जयंती को सामाजिक समरसता वर्ष के रूप में 31 मार्च 2027 तक मनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
गेहूं खरीद में बदलाव, किसानों को जल्द मिलेगा लाभ
सरकार ने गेहूं खरीदी की तारीख 10 अप्रैल से घटाकर 9 अप्रैल कर दी है, ताकि किसानों को समय पर राहत मिल सके। पहले छोटे और सीमांत किसानों से खरीदी की जाएगी, इसके बाद बड़े किसानों के लिए अलग तिथियां तय होंगी।
इस बार 19.04 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है, जो पिछले साल की तुलना में करीब साढ़े तीन लाख अधिक है। 78 लाख मीट्रिक टन की खरीद सीमा को बढ़ाने के लिए केंद्र से अनुरोध किया गया है।
उपार्जन केंद्रों का विस्तार, प्रोत्साहन राशि भी तय
प्रदेश में इस वर्ष 3627 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। सरकार ने प्रति क्विंटल 2625 रुपये के समर्थन मूल्य के साथ 40 रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का भी निर्णय लिया है। साथ ही बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सड़क और कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार
कैबिनेट ने कई नई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इटारसी से बैतूल के बीच 22 किलोमीटर का टाइगर कॉरिडोर 758 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। इसके अलावा निवाड़ी से झांसी को जोड़ने वाला 15 किलोमीटर का बाईपास और ओरछा तिघियाला मार्ग का निर्माण भी स्वीकृत किया गया है। इन परियोजनाओं पर कुल 631 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
उज्जैन बना अंतरराष्ट्रीय पहचान का केंद्र
उज्जैन में महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ने शहर को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई। इस कार्यक्रम में आईआईटी, इसरो समेत कई वैज्ञानिक संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हुए।
इसी दौरान उज्जैन साइंस सेंटर का लोकार्पण भी किया गया। साथ ही कर्क रेखा का नया केंद्र बिंदु उज्जैन से 32 किलोमीटर दूर डोमला में स्थापित किया गया है, जहां खगोलीय अध्ययन को बढ़ावा देने की योजना है।
सहयोग सम्मेलन से बढ़ेगी व्यापारिक संभावनाएं
31 मार्च को आयोजित सहयोग सम्मेलन के माध्यम से राज्यों के विशेष उत्पादों को बढ़ावा देने और निर्यात के नए रास्ते खोलने पर चर्चा हुई। काशी विश्वनाथ क्षेत्र प्राधिकरण और महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति के बीच पहला समझौता हुआ, जिससे सांस्कृतिक और आर्थिक सहयोग को मजबूती मिलेगी।
विक्रमादित्य पर सांस्कृतिक पहल, वैदिक घड़ी का विस्तार
वाराणसी में पहली बार सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित भव्य नाट्य मंचन हुआ। इसके अलावा विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को उज्जैन के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में भी स्थापित किया गया है, जो प्राचीन भारतीय समय गणना की परंपरा को दर्शाता है।
सिंचाई परियोजना से किसानों को राहत
मंदसौर जिले में गांधी सागर बांध से कोतमा लिफ्ट इरिगेशन योजना को मंजूरी दी गई है। 88.41 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना से 3500 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और 120 गांवों के 1358 परिवारों को लाभ मिलेगा। जिले में सिंचित क्षेत्र अब 77 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
भोपाल में बनेगा वित्तीय प्रशिक्षण और शोध संस्थान
कैबिनेट ने भोपाल में फाइनेंशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट स्थापित करने का फैसला लिया है। इसके तहत सात संस्थानों का एकीकरण किया जाएगा। यह संस्थान अधिकारियों और कर्मचारियों को वित्तीय प्रबंधन का प्रशिक्षण देगा और शोध कार्य को बढ़ावा देगा।
दलहन और तिलहन की खरीद को भी मंजूरी
सरकार ने किसानों के हित में गेहूं के साथ चना, मसूर और सरसों की खरीदी का भी निर्णय लिया है, जिससे फसलों का बेहतर दाम सुनिश्चित किया जा सके।

































