


कोरबा। छत्तीसगढ़ किसान सभा (सीजीकेएस) एवं भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ के नेतृत्व में एसईसीएल की गेवरा खदान से प्रभावित भू-विस्थापित किसानों ने मंगलवार को वैकल्पिक रोजगार, हेवी ब्लास्टिंग पर रोक तथा सेफ्टी जोन के पालन की मांग को लेकर आंदोलन किया। आंदोलन के दौरान भू-विस्थापितों ने लगभग पांच घंटे तक गेवरा खदान का साइलो एवं कोयला उत्पादन बंद करा दिया, जिससे रैक लोडिंग का कार्य प्रभावित रहा। स्थिति को देखते हुए खदान क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस एवं सीआईएसएफ जवान तैनात किए गए थे।
आंदोलन को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा कि खदान विस्तार के लिए ग्रामीणों की पूरी जमीन अधिग्रहित की जाती है, लेकिन रोजगार देने के समय प्रभावितों को 100 प्रतिशत रोजगार नहीं दिया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 30 प्रतिशत रोजगार बाहरी लोगों को देकर प्रभावितों के हक का हनन किया जा रहा है। विस्थापित परिवारों का जीवन स्तर सुधरने के बजाय और बदतर हुआ है। किसान सभा इस नीति का कड़ा विरोध करती है।
किसान सभा के जिला सचिव दीपक साहू ने आउटसोर्सिंग कंपनियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रभावितों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बिना सेफ्टी जोन बनाए ही खदान विस्तार का कार्य किया जा रहा है, जो नियमों के खिलाफ है। पहले सेफ्टी जोन बनाया जाए, उसके बाद ही खदान विस्तार किया जाए।भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ के सचिव दामोदर श्याम ने कहा कि खदान विस्तार के लिए हो रही हेवी ब्लास्टिंग से घरों में दरारें पड़ रही हैं। धूल-डस्ट से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है और घरेलू सामान भी खराब हो रहे हैं, लेकिन प्रबंधन इस ओर गंभीर नहीं है। पांच घंटे तक खदान बंद रहने के बाद एसईसीएल गेवरा प्रबंधन ने दो दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन स्थगित किया गया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में सकारात्मक समाधान नहीं हुआ तो फिर से खदान बंद किया जाएगा।
आंदोलन में प्रमुख रूप से दीपक साहू, दामोदर श्याम, सुक्रिता, राजकुमारी, अमृत बाई, राज कुंवर, जगत सिंह कंवर, सुमेन्द्र सिंह कंवर, मिथलेश, रमेश कठोतिया, गुलाब दास, पवन पाटले, यशवर्धन, राजेंद्र राठौर, रमेश दास, तुलेष बैरागी, बिमल दास, हेतराम, रामायण कंवर एवं संजय यादव सहित बड़ी संख्या में भू-विस्थापित शामिल रहे।































