


रायपुर: केरल राज्य के पलक्कड़ जिले में छत्तीसगढ़ के एक प्रवासी मजदूर की कथित मॉब लिंचिंग से हुई मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। सक्ती जिले के निवासी रामनारायण बघेल (उम्र लगभग 31 वर्ष) की संदेह के आधार पर भीड़ द्वारा बेरहमी से पिटाई किए जाने से मौत हो गई। मृतक के शरीर पर 80 से अधिक गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं, जिससे घटना की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।इस अमानवीय घटना को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय। को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने इस घटना को मानवता को शर्मसार करने वाला बताते हुए दोषियों के खिलाफ त्वरित, निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

डॉ. महंत ने अपने पत्र में कहा कि यह घटना न केवल एक निर्दोष प्रवासी श्रमिक की हत्या है, बल्कि देशभर में काम कर रहे लाखों प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से केरल सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर उच्चस्तरीय हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
नेता प्रतिपक्ष ने मृतक की पार्थिव देह को शीघ्र एवं सम्मानपूर्वक छत्तीसगढ़ लाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने की मांग की है, ताकि शोकसंतप्त परिवार अंतिम संस्कार कर सके। साथ ही पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता (एक्स-ग्रेशिया) प्रदान करने और परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया गया है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा हेतु अंतर-राज्यीय समन्वय तंत्र को और अधिक सुदृढ़ किया जाना आवश्यक है।
































