

अमरावती। आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले में गुरुवार को संक्रांति के दौरान आयोजित मुर्गा लड़ाई में एक व्यक्ति ने 1.53 करोड़ रुपये की भारी रकम जीती, जिसे एक तरह का रिकॉर्ड माना जा रहा है। राजामुंद्री रमेश नाम के इस व्यक्ति ने ताडेपल्लीगुडेम कस्बे में मुर्गा लड़ाई पर लगी भारी रकम जीती।
रमेश और गुडीवाडा प्रभाकर ने अपने मुर्गों पर भारी रकम का दांव लगाया था, जिनके पैरों में चाकू बंधे थे। रमेश ने यह दांव जीत लिया क्योंकि उसका मुर्गा लड़ाई में विजयी रहा। रमेश अपने मुर्गे की बदौलत करोड़पति बनकर बेहद खुश है।उसने बताया कि अपने खास नस्ल के मुर्गे को छह महीने तक सूखे मेवे खिलाए थे ताकि वह लड़ाई के लिए तंदुरुस्त और मजबूत बना रहे। इस बीच, गुरुवार को लगातार दूसरे दिन आंध्र प्रदेश के कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर मुर्गे की लड़ाई का आयोजन किया गया।
प्रेट्र के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिबंध के बावजूद माघ बिहू उत्सव के उपलक्ष्य में गुरुवार को मध्य असम के मोरीगांव जिले के कुछ हिस्सों में पारंपरिक भैंसों की लड़ाई का आयोजन किया गया। इसे स्थानीय रूप से मोह जुज कहा जाता है।
ये आयोजन बैद्यबोरी और अहतगुरी में हुए, जिसमें आसपास के लोगों ने भाग लिया। अधिकारियों ने मामले को विचाराधीन बताते हुए टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। यह पारंपरिक आयोजन माघ बिहू फसल उत्सव के साथ ही आयोजित किया जाता है।






















