


बीजापुर: बीजापुर जिले में माओवाद विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों ने अलग–अलग स्थानों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 12 माओवादी स्मारकों को ध्वस्त किया है। इस दौरान दो शक्तिशाली IED भी बरामद कर मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट किए गए। यह कार्रवाई 17 फरवरी 2026 को एरिया डोमिनेशन अभियान के दौरान की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार केरिपु डी/214 की टीम पिल्लूर क्षेत्र के जंगलों में गश्त कर रही थी। इसी दौरान ग्राम बड़े काकलेर एवं पुलगुंडम के पास माओवादियों द्वारा निर्मित 7 अवैध स्मारक पाए गए। सुरक्षा बलों ने क्षेत्र की घेराबंदी कर गहन तलाशी ली, जहां स्मारकों के पास कॉर्डेक्स वायर से भरी 2 बीयर बोतल IED बरामद की गई। यूनिट की B.D.D. टीम द्वारा दोनों IED को मौके पर ही सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर नष्ट किया गया। इसके बाद सभी स्मारकों को ध्वस्त कर दिया गया।
इसी क्रम में थाना गंगालूर क्षेत्र में केरिपु 85वीं वाहिनी ने मल्लूर के जंगल में निर्मित 12 फीट ऊंचे माओवादी स्मारक को ढहा दिया। वहीं, केरिपु 222 की टीम ने गंगालूर क्षेत्र के ग्राम पालनार के समीप 3 माओवादी स्मार तथा ग्राम पेददाकोरमा में 1 माओवादी स्मारक को एरिया डोमिनेशन के दौरान नष्ट किया।
सुरक्षा बलों का कहना है कि माओवादी संगठन इन स्मारकों का उपयोग अपने कैडरों व ग्रामीणों में भय का वातावरण बनाने और संगठनात्मक वर्चस्व दर्शाने के लिए करते रहे हैं। इन प्रतीकों का उन्मूलन केवल भौतिक ढांचे हटाने की कार्रवाई नहीं, बल्कि यह माओवादी हिंसा और अवैध प्रभुत्व के खिलाफ एक सशक्त संदेश है।
इस अभियान से क्षेत्र में माओवादियों के मनोवैज्ञानिक प्रभाव को तोड़ने में मदद मिल रही है और शासन–प्रशासन की वैधानिक उपस्थिति मजबूत हो रही है। सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार से माओवादी हिंसा, भय या दबाव के प्रतीक को दोबारा स्थापित नहीं होने दिया जाएगा। यह कार्रवाई नक्सल विरोधी अभियान के तहत आगे भी निरंतर जारी रहेगी, ताकि बीजापुर सहित पूरे क्षेत्र को माओवादी प्रभाव से पूरी तरह मुक्त किया जा सके।
































