Mahadev Online Book Case : में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है। ED ने इस मामले में कुल 91.82 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अटैच किया है। यह कार्रवाई PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत रायपुर ज़ोनल ऑफिस द्वारा की गई है।

जांच के दौरान ED ने 74.28 करोड़ रुपये के बैंक बैलेंस को फ्रीज़ किया है। यह राशि M/s Perfect Plan Investment LLC और M/s Exim General Trading – GZCO के खातों में जमा पाई गई थी। एजेंसी के अनुसार, इन कंपनियों का इस्तेमाल अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी से कमाए गए पैसों को वैध दिखाने के लिए किया गया।

ED की जांच में सामने आया है कि सौरभ चंद्राकर, अनिल कुमार अग्रवाल और विकास छपरिया ने इन शेल कंपनियों के जरिए सट्टे से अर्जित धन को अलग-अलग खातों और देशों में ट्रांसफर किया। यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से तैयार किया गया था, ताकि पैसों के असली स्रोत को छिपाया जा सके।

Mahadev Online Book Case पहले ही देश के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटालों में शामिल माना जा रहा है। इस केस में अब तक करोड़ों रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं और जांच लगातार आगे बढ़ रही है। ED का मानना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संपत्तियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

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