LPG Crisis : के बीच आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। नए आदेश के तहत जिन घरों में पहले से पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन मौजूद है, वहां एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना अनिवार्य किया जा रहा है। इस फैसले का असर शहर के करीब 1.05 लाख उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। माना जा रहा है कि इससे गैस सिलेंडर की बुकिंग और रीफिलिंग में लगभग 15 प्रतिशत तक कमी आएगी, जिससे जरूरतमंद परिवारों को गैस आसानी से मिल सकेगी।

इस LPG Crisis को देखते हुए प्रशासन ने जरूरतमंद उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। जिला खाद्य नियंत्रक एम.एल. मारू के अनुसार, यह कदम उन लोगों के लिए राहत लेकर आएगा, जिनके पास पीएनजी की सुविधा नहीं है। वहीं कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई भी फिलहाल सीमित स्तर पर शुरू की गई है। स्कूलों और अस्पतालों को 40 से 50 प्रतिशत तक गैस उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि अन्य सेक्टर में स्थिति सामान्य होने के बाद सप्लाई बढ़ाई जाएगी।

दूसरी ओर, उद्योगों पर इस LPG Crisis का असर साफ दिखने लगा है। कच्चे माल की कमी और एलपीजी सप्लाई बाधित होने के कारण कई गैस आधारित उद्योग बंद होने की कगार पर हैं। वहीं विकल्प के तौर पर इस्तेमाल हो रही पीएनजी भी महंगी हो गई है। कंपनियों ने कीमत में करीब 1 रुपये प्रति एससीएम की बढ़ोतरी की है और पहले मिलने वाला 1.5 रुपये का डिस्काउंट भी खत्म कर दिया है, जिससे कुल मिलाकर पीएनजी लगभग 2.5 रुपये महंगी हो गई है।

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