

Bhopal : में एलपीजी सिलेंडर को लेकर बना पैनिक अब धीरे-धीरे खत्म होता नजर आ रहा है। कुछ दिन पहले जहां रोजाना 14 हजार से ज्यादा सिलेंडर बुक हो रहे थे, अब यह संख्या घटकर करीब 11 हजार रह गई है। फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार अफवाहों के कारण लोगों ने जरूरत से ज्यादा सिलेंडर जमा कर लिए थे, जिससे अस्थायी दबाव बना।
पेंडिंग बुकिंग घटी, सप्लाई बनी स्थिर
स्थिति अब पहले से काफी बेहतर हो गई है। जहां पहले पेंडिंग बुकिंग 40 हजार तक पहुंच गई थी, वहीं अब यह आंकड़ा घटकर 35 हजार से नीचे आ गया है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में गैस की कोई कमी नहीं है और एजेंसियों के पास 5 से 6 दिन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। भौंरी स्थित ऑयल डिपो से भी नियमित आपूर्ति जारी है।
कुछ एजेंसियों पर ही ज्यादा दबाव
शहर की केवल तीन बड़ी गैस एजेंसियों पर ही अपेक्षाकृत ज्यादा बुकिंग हो रही है, जबकि बाकी एजेंसियों पर मांग सामान्य से भी कम हो गई है। इससे साफ है कि बाजार धीरे-धीरे संतुलन की ओर लौट रहा है।
कम गैस वाले सिलेंडरों का खुलासा
इसी बीच बैरागढ़ और कोलार इलाके में जांच के दौरान बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। खाद्य विभाग और नापतौल विभाग की संयुक्त कार्रवाई में सिद्धार्थ इंडेन गैस एजेंसी से जुड़े वाहन में लोड 42 सिलेंडरों की जांच की गई, जिनमें से 31 सिलेंडरों में 3 किलो तक गैस कम पाई गई। 918 रुपये प्रति सिलेंडर की कीमत के हिसाब से उपभोक्ताओं को करीब 200 रुपये तक का नुकसान हो सकता है।
अवैध भंडारण पर सख्ती, कई सिलेंडर जब्त
बैरागढ़ चिचली क्षेत्र में छापेमारी के दौरान एक मकान से करीब 50 सिलेंडर अवैध रूप से रखे मिले। जांच में यह भी सामने आया कि वाहन दो दिन से भरा हुआ खड़ा था, जबकि केवल 10 सिलेंडरों के ही बिल मौजूद थे। नापतौल विभाग की जांच में 45 सिलेंडरों में 2 से 3 किलो तक गैस कम पाई गई, वहीं 8 सिलेंडरों में कंपनी की सील और प्लास्टिक कैप भी नहीं थी।
विभाग की बड़ी कार्रवाई, जांच जारी
इस पूरे मामले में खाद्य विभाग ने 19 सिलेंडर और नापतौल विभाग ने 39 सिलेंडर के साथ एक टाटा ऐस वाहन जब्त किया है। अधिकारियों ने इसे उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी का गंभीर मामला मानते हुए आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
































