


नई दिल्ली।भारत के पहले सहकारिता-आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’ का गुरुवार को नई दिल्ली में औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। शुभारंभ से पहले अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि यह पहल टैक्सी चालकों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे वे केवल सेवा प्रदाता ही नहीं बल्कि प्लेटफॉर्म के मालिक भी बनेंगे।
उन्होंने कहा, “सहकारिता के माध्यम से छोटी-छोटी पूंजी मिलकर बड़ी शुरुआत कर सकती है, भारत टैक्सी इसका जीवंत उदाहरण है। इससे चालक बहन-भाई सम्मान के साथ अधिक मुनाफा कमा सकेंगे।”
सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ विजन के अनुरूप भारत टैक्सी की शुरुआत की गई है। यह पहल सहकारिता क्षेत्र को सुदृढ़ करने और नागरिक-केंद्रित, समावेशी मोबिलिटी समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्लेटफॉर्म को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ड्राइवर, जिन्हें ‘सारथी’ कहा जाता है, स्वामित्व, संचालन और मूल्य-निर्माण के केंद्र में रहें।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छह सारथियों को सम्मानित किया जाएगा। उन्हें शेयर प्रमाणपत्र दिए जाएंगे, जिससे “सारथी ही मालिक” के सिद्धांत को बल मिलेगा। साथ ही, प्रत्येक सम्मानित चालक को 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और 5 लाख रुपये का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा भी प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर संचालन, डिजिटल सशक्तिकरण, सुरक्षा और सेवा वितरण को मजबूत करने के लिए प्रमुख सार्वजनिक व निजी संस्थानों के साथ नौ एमओयू पर भी हस्ताक्षर होंगे।भारत टैक्सी बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 के अंतर्गत पंजीकृत देश का पहला सहकारिता-नेतृत्व वाला राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसकी स्थापना 6 जून 2025 को हुई थी। यह शून्य-कमीशन और सर्ज-फ्री प्राइसिंग मॉडल पर कार्य करता है, जिससे ड्राइवरों को सीधे लाभ मिलता है।
प्लेटफॉर्म ड्राइवरों के लिए स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, सेवानिवृत्ति बचत और सहायता केंद्र जैसी सुविधाएं देता है। दिल्ली में सात सहायता केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। महिला सशक्तिकरण के लिए ‘बाइक दीदी’ जैसी पहल के तहत अब तक 150 से अधिक महिलाएं जुड़ चुकी हैं।
अब तक लगभग 4 लाख ड्राइवर और 10 लाख से अधिक उपयोगकर्ता भारत टैक्सी से जुड़ चुके हैं, जबकि करीब 10 करोड़ रुपये सीधे ड्राइवरों को वितरित किए जा चुके हैं। यह पहल देश के मोबिलिटी सेक्टर में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।
































