Land For Job Scam: लालू यादव को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है. लैंड फॉर जॉब मामले में राउज एवेन्यू अदालत ने इस मामले में आरोप तय करने के लिए 29 जनवरी की तारीख तय की है. अगली तारीख को अदालत आरोपियों के बयान को दर्ज करेगी.

कोर्ट ने कहा कि चार्जशीट के अनुसार, लालू यादव ने रेल मंत्री के रूप में अपने पद का दुरुपयोग किया और सरकारी पदों के बदले सरकारी जमीनों पर कब्जा करने की साजिश रची थी. कोर्ट ने इस मामले को लेकर लालू प्रसाद यादव के अलावा दोनों बेटों तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव पर भी आरोप तय करने का निर्देश दिया है.

लालू परिवार समेत 40 से अधिक लोगों पर आरोप तय
कोर्ट ने माना कि लालू यादव और उनका परिवार सरकारी नौकरी के बदले जमीन अधिग्रहण करने के लिए एक आपराधिक गिरोह की तरह काम कर रहा था. इस मामले में सैकड़ों लोगों के ऊपर केस दर्ज किया गया था, जिसमें से अब तक कोर्ट ने 52 लोगों को बरी कर दिया है. जबकि लालू यादव और उनके परिवार समेत 40 से अधिक लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं.

लैंड फॉर जॉब स्कैम क्या है?
लैंड फॉर जॉब स्कैम, रेलवे में लोगों को नौकरी देने के बदले उनसे लेना है. यह केस उस दौरान का है जब लालू यादव रेल मंत्री थे. इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी. सीबीआई के अनुसार, नौकरी के बदले जमीनें बहुत ही कम दाम पर बेची गई थी. जबकि इसके लिए रेलवे ने भर्ती का कोई विज्ञापन या पब्लिक नोटिस जारी नहीं किया था. सीबीआई ने जांच में पाया था कि जिन परिवारों ने लालू यादव को अपनी जमीन दीं. उनको रेलवे ने मुंबई, कोलकाता, जबलपुर, हाजीपुर और जयपुर में नियुक्ति दी.

जेल जाना तय, बोले भाजपा प्रवक्ता
भूमि-बदले-नौकरी मामले में लालू परिवार के खिलाफ आरोप तय किए जाने पर भाजपा प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने कहा, “जैसा बोओगे वैसा काटोगे. चूंकि उन्होंने भ्रष्टाचार के बीज बोए हैं, इसलिए जेल जाना तय है. सभी तथ्यों की जांच के बाद अदालत ने आज आरोप तय किए हैं. अदालत का मानना ​​है कि लालू प्रसाद यादव और उनके पूरे परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए जाने चाहिए. वैसे भी, लालू प्रसाद यादव का पूरा परिवार भ्रष्टाचार में लिप्त है.”

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