

जशपुर: जशपुर जिले में गौ तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई करते हुए 15 गौवंश को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है और नाबालिग बालक सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, हाल ही में गौ तस्करी के संभावित रास्तों पर सर्च अभियान चलाया गया था और कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत ग्रामीणों से सहयोग की अपील की गई थी। इसी का असर रहा कि ग्रामीणों की सूचना पर थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम हाथीसार के जंगल से 12 गौवंशों को तस्करों से मुक्त कराया गया।इस मामले में असरफुल कादरी (23) निवासी गोविंदपुर (झारखंड), शरीफ अंसारी (23) निवासी डढ़गांव चौकी मनोरा जिला जशपुर तथा एक 17 वर्षीय बालक को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में गौवंश से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया, जबकि नाबालिग को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।इसी तरह चौकी आरा क्षेत्र में भी सोमवार सुबह ग्रामीणों की सूचना पर ग्राम गोढ़ीटोली के पास तीन गौवंशों को पैदल झारखंड ले जाते हुए दो तस्करों को पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों में याकूब खान (45) और सरवर आलम (38) दोनों निवासी साईं टांगर टोली थाना लोदाम जिला जशपुर शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि पिछले एक सप्ताह के भीतर जिले में विभिन्न स्थानों से कुल 70 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया जा चुका है और कई आरोपियों को जेल भेजा गया है।

































