Israel Iran War: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच Israel Iran War को लेकर भारत भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। इसी कड़ी में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मंगलवार शाम ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने क्षेत्र में चल रहे संघर्ष और ताजा घटनाक्रमों पर चर्चा की। इसकी जानकारी खुद एस. जयशंकर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए साझा की।

विदेश मंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा कि उन्होंने ईरानी विदेश मंत्री के साथ मौजूदा हालात पर विस्तृत बातचीत की और दोनों पक्षों ने आगे भी संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई। Israel Iran War की स्थिति को देखते हुए यह बातचीत काफी अहम मानी जा रही है। उल्लेखनीय है कि मिडिल ईस्ट में संघर्ष शुरू होने के बाद जयशंकर और अब्बास अराघची के बीच यह तीसरी बार फोन पर बातचीत हुई है।

इससे पहले 28 फरवरी और 5 मार्च को भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हो चुकी है। सोमवार को संसद में विदेश मंत्री ने बताया था कि मौजूदा हालात को देखते हुए ईरान के नेतृत्व स्तर पर संपर्क करना आसान नहीं है, क्योंकि संघर्ष के दौरान वहां के कई वरिष्ठ नेताओं की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद भारत लगातार संवाद बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

Israel Iran War के बीच भारत की प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जयशंकर ने संसद में बताया कि भारतीय डायस्पोरा की सुरक्षा और देश की ऊर्जा सुरक्षा सरकार के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों के संपर्क में है और स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।

विदेश मंत्री ने राज्यसभा में जानकारी दी कि रविवार तक लगभग 67,000 भारतीय नागरिक खाड़ी देशों से सुरक्षित रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमाएं पार कर चुके हैं। इसके अलावा ईरान के तीन जहाज हिंद महासागर में मौजूद थे, जिन्हें भारत ने डॉकिंग की अनुमति देते हुए शरण भी दी। Israel Iran War के बीच भारत का यह कदम मानवीय सहयोग और कूटनीतिक संतुलन का संकेत माना जा रहा है।

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