MP News: इंदौर में दूषित पानी से हुईं 16 मौतों और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विवादित बयान को अमानवीय बताने वाले अफसर पर कार्रवाई की गई है. देवास एसडीएम आनंद मालवीय को बयान सामने आने के 24 घंटे के भीतर सस्पेंड कर दिया गया है. अधिकारी पर गंभीर कदाचरण और अनुशासनहीनता के मामले में कार्रवाई की गई है. इसके साथ ही उनके ऑफिस में तैनात सहायक ग्रेड-3 क्लर्क को भी निलंबित कर दिया गया है.

कांग्रेस के ज्ञापन के शब्दों को आदेश में लिखा
दरअसल, 3 जनवरी को देवास एसडीएम आनंद मालवीय ने कांग्रेस के प्रदर्शन की अनुमति से जुड़ा आदेश जारी किया था. इस आदेश के मामले में कार्रवाई की गई है. इसमें इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में मल-मूत्र वाला पानी पीने से 14 लोगों की मौत और 2800 लोगों के बीमार होने का जिक्र किया गया था. इसके साथ ही आदेश में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान को अमानवीय और निर्लज्जता की निशानी बताया गया था. आदेश में कांग्रेस के ज्ञापन की भाषा को ज्यों का त्यों लिख दिया गया था, जिसके बाद ये वायरल हुआ था. अब उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह ने उन पर एक्शन लिया है.

कैबिनेट मंत्री ने क्या बयान दिया था?
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का इंदौर दूषित पानी वाले मामले में दिया बयान चर्चा का विषय बना था. एक रिपोर्टर ने जब उनसे इस घटना के बारे में सवाल पूछा था तो उन्होंने कहा था कि फोकट का सवाल मत पूछो. जब रिपोर्टर ने कहा कि मैं घटनास्थल पर होकर आया हूं तो मंत्री ने कहा कि क्या घंटा होकर आए हो? हालांकि इस बयान के बाद में कैबिनेट मंत्री ने सफाई दी थी. अब कांग्रेस 11 जनवरी को इंदौर में प्रदर्शन करने वाली है. इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के बड़े नेता से लेकर कार्यकर्ता शामिल होंगे.

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