बलरामपुर: कलेक्टर राजेंद्र कटारा की अध्यक्षता में संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक संपन्न हुई। इस दौरान उन्होंने शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए विभागीय कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पीएम जनमन, राजस्व पखवाड़ा, तेन्दूपत्ता संग्रहण, आयुष्मान कार्ड, पशुधन विकास विभाग सहित प्रधानमंत्री आवास तथा स्वास्थ्य की विस्तार से समीक्षा की।

कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अविवादित नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे के प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व पखवाड़ा की अद्यतन जानकारी लेते हुए पखवाड़ा का लोगों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा, ताकि शत-प्रतिशत लंबित राजस्व मामलों का सुगमता से समाधान हो सके। कलेक्टर ने गर्मी के मौसम को देखते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को पेयजल से जुड़ी समस्याओं का तत्काल चिन्हांकन कर उनका स्थायी समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल व्यवस्था पर सतत निगरानी रखने को कहा, ताकि ग्रीष्मकाल के दौरान आम नागरिकों को पानी की किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक में कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम जनमन आवासों की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वीकृत, पूर्ण और अपूर्ण आवासों की जानकारी लेते हुए लंबित आवासों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, जिससे पात्र हितग्राहियों को समय पर उनके पक्के मकान का लाभ मिल सके। स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी लेते हुए उन्होंने पीएम जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से दूरस्थ अंचलों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाने को कहा साथ ही आयुष्मान भारत योजना तथा वय वंदन योजना के तहत बचे हुए हितग्राहियों के कार्ड शीघ्र बनाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री कटारा ने पशुओं के टीकाकरण तथा आगामी सीजन के लिए खाद-बीज भण्डारण की स्थिति की जानकारी ली। आगामी तेंदूपत्ता संग्रहण के तैयारियों की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों की ड्यूटी संग्रहण कार्य में लगायी गई है, वे कर्मचारी अपने कार्य क्षेत्र में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों से होने वाली अवैध आवक को रोकने के लिए कड़ी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को जिले में एग्रीस्टैक के तहत किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं के माध्यम से किसानों को एग्रीस्टैक पंजीयन के फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दें। किसानों को अवगत कराया जाए कि यदि उनका एग्रीस्टैक में पंजीयन नहीं हुआ, तो भविष्य में कृषि विभाग द्वारा संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ लेने, जैसे खाद-बीज प्राप्त करने और अपनी फसल या धान का विक्रय करने में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

कलेक्टर श्री कटारा ने कहा कि ग्राम स्तर पर आयोजित बैठकों में भी किसानों को विस्तृत जानकारी देते हुए बताएं कि एग्रीस्टैक केंद्र सरकार द्वारा तैयार किया जा रहा एक डिजिटल इकोसिस्टम है। इसके तहत किसानों का एक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है और प्रत्येक किसान को आधार कार्ड की तर्ज पर एक यूनिक फार्मर आईडी दी जा रही है। इस आईडी में किसान की पहचान, भूमि का रिकॉर्ड, फसल की जानकारी और बैंक खाते का विवरण लिंक होता है। इससे किसानों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ती और उन्हें पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, खाद-बीज सब्सिडी और समर्थन मूल्य पर धान बेचने जैसी सुविधाओं का लाभ एक क्लिक में आसानी से मिल जाता है। उन्होंने इसका व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कर सभी किसानों का पंजीयन करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ  नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर आर.एस. लाल, चेतन बोरघरिया,  आर.एन. पाण्डेय,  अभिषेक गुप्ता सहित विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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