रायपुर: सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) के विशेष प्रयासों से सिरपुर के 17 स्थानीय गाइडों को एक माह के विशेष पर्यटन प्रशिक्षण के लिए भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (आईआईटीटीएम) ग्वालियर भेजा गया है। यह आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सिरपुर जैसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल पर पर्यटन को अधिक सुदृढ़ और पेशेवर स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ

आईआईटीटीएम ग्वालियर के निदेशक द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रशिक्षित स्थानीय गाइड किसी भी पर्यटन स्थल की पहचान को नई ऊँचाई तक ले जाते हैं। यह प्रशिक्षण विशेष रूप से विरासत पर्यटन, गाइडिंग कौशल, आगंतुक प्रबंधन, स्टोरी टेलिंग, सांस्कृतिक व्याख्या और जिम्मेदार पर्यटन जैसे विषयों पर केंद्रित है।यह पूरा कार्यक्रम सिरपुर की पर्यटन आवश्यकताओं और संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद गाइड अपने क्षेत्र में लौटकर पर्यटकों को बेहतर, तथ्यपरक और आकर्षक अनुभव प्रदान कर सकें। प्रशिक्षण उपरांत सिरपुर में पर्यटन से संबंधित नई पहलों का शुभारंभ भी छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किए जाने की योजना है।

सिरपुर, एक प्राचीन पुरातात्विक और बौद्ध विरासत स्थल है, मध्य भारत में बौद्ध शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है। 
ऐतिहासिक अभिलेख बताते हैं कि यहां 100 से अधिक विहार थे, जिनमें 10 हजार से अधिक बौद्ध भिक्षु शिक्षा प्राप्त करते थे। ऐसे स्थल पर प्रशिक्षित स्थानीय गाइडों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।इस प्रशिक्षण से न केवल पर्यटकों का अनुभव समृद्ध होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए अजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।
सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन

अधिकारी धम्मशील गणवीर ने कहा कि राज्य में हेरिटेज पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय सहभागिता सुनिश्चित करने और सिरपुर को राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

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