

स्पोर्ट्स डेस्क: भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का पहला मुकाबला बुधवार को नागपुर में खेला जाएगा। वनडे सीरीज जीतकर उत्साह से लबरेज न्यूजीलैंड की टीम जहां जीत की लय बरकरार रखने उतरेगी, वहीं भारतीय टीम घरेलू मैदान पर सीरीज की मजबूत शुरुआत करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। इस मुकाबले में भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव का बल्लेबाजी प्रदर्शन खास तौर पर चर्चा में रहेगा।
टी20 में भारत का शानदार रिकॉर्ड, लेकिन कप्तान की फॉर्म चिंता का विषय
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया का टी20 फॉर्मेट में प्रदर्शन शानदार रहा है और टीम अब तक अजेय बनी हुई है। हालांकि, कप्तान के व्यक्तिगत प्रदर्शन ने टीम प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है। बतौर बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव पिछले 25 टी20 पारियों में एक भी अर्धशतक लगाने में सफल नहीं हो सके हैं।
2025 में बल्ले से नहीं चला सूर्या का जादू
साल 2025 में सूर्यकुमार यादव ने 22 टी20 मुकाबले खेले, जिसमें वह बिना किसी अर्धशतक के केवल 14 की औसत से रन बना सके। उनकी इस लंबी असफलता का असर टीम के शीर्ष क्रम पर साफ नजर आ रहा है, जिससे अन्य बल्लेबाजों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार रहा है रिकॉर्ड
हालांकि न्यूजीलैंड के खिलाफ सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड उम्मीद जगाने वाला है। वर्ष 2021 से 2023 के बीच उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 8 टी20 मैचों में 47.33 की औसत और 153.51 की स्ट्राइक रेट से 284 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 111 रन रहा है।
फॉर्म में वापसी का सुनहरा मौका
सूर्यकुमार यादव कई बार कह चुके हैं कि वह फॉर्म से नहीं बल्कि रनों से दूर हैं। टी20 विश्व कप 2026 से पहले खेली जा रही यह न्यूजीलैंड सीरीज उनके लिए फॉर्म में वापसी का बेहतरीन अवसर मानी जा रही है। यदि सूर्या आगामी पांच टी20 मुकाबलों में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हैं, तो इससे न सिर्फ भारत की सीरीज जीत की संभावनाएं बढ़ेंगी, बल्कि विश्व कप अभियान को भी मजबूती मिलेगी।
टी20 करियर के लिहाज से अहम सीरीज
सूर्यकुमार यादव के टी20 करियर पर नजर डालें तो उन्होंने 99 मैचों की 93 पारियों में 4 शतक और 21 अर्धशतकों की मदद से 2,788 रन बनाए हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ यह सीरीज और आगामी टी20 विश्व कप 2026 उनके करियर के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं। बेहतर प्रदर्शन उनके भविष्य को सुरक्षित कर सकता है, वहीं खराब फॉर्म जारी रहने पर विश्व कप के बाद टीम में जगह बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।






















