

रायपुर: छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से लागू नई आबकारी नीति ने शराब उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दिया है। राज्य सरकार ने देसी और विदेशी दोनों प्रकार की शराब की कीमतों में बढ़ोतरी करते हुए पैकेजिंग नियमों को भी सख्त बना दिया है। इस फैसले का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।

नई नीति के तहत देसी और विदेशी शराब की कीमतों में 20 से 300 तक की वृद्धि की गई है। इसके साथ ही सरकार ने शराब की बिक्री को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब सभी प्रकार की शराब केवल ‘फूड-ग्रेड’ और रीसाइक्लेबल (दोबारा उपयोग योग्य) बोतलों में ही बेची जा सकेगी।सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन बोतलों पर नई कीमत का स्टिकर नहीं लगा होगा, उनकी बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। पुराने स्टॉक पर भी नई कीमत का स्टिकर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि उपभोक्ताओं को सही मूल्य की जानकारी मिल सके और किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।नई आबकारी नीति का असर बीयर, वाइन और रेडी-टू-ड्रिंक पेय पदार्थों पर भी पड़ा है। इनकी कीमतों और पैकेजिंग में भी बदलाव किया गया है। साथ ही, सरकार ने राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से लाइसेंस शुल्क और उत्पाद शुल्क दरों में भी संशोधन किया है।सरकार का कहना है कि इस नीति का मकसद शराब बिक्री को अधिक पारदर्शी और नियंत्रित बनाना है, लेकिन बढ़ी हुई कीमतों से आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ना तय माना जा रहा है।
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