


Bhojshala ASI Report: आज मध्य प्रदेश में अहम दिन है। धार जिले स्थित ऐतिहासिक भोजशाला—सरस्वती (वाग्देवी) मंदिर बनाम कमाल मौला मस्जिद विवाद—पर इंदौर खंडपीठ में सुनवाई होगी। मामला न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की डबल बेंच के समक्ष सूची क्रमांक 102 पर रखा गया है।
सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि 2024 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा 98 दिनों तक किए गए वैज्ञानिक सर्वे की रिपोर्ट आज कोर्ट में पेश की जाएगी। Archaeological Survey of India ने 22 मार्च से 27 जून 2024 तक सर्वे कर जुलाई 2024 में रिपोर्ट बंद लिफाफे में प्रस्तुत की थी। अब Bhojshala ASI Report को अदालत में खोला जाएगा। रिपोर्ट 89 पृष्ठों की है और 10 खंडों में विभाजित है।
इससे पहले Supreme Court of India ने निर्देश दिया था कि रिपोर्ट संबंधित पक्षों और उनके वकीलों को उपलब्ध कराई जाए। 20 फरवरी को Madhya Pradesh High Court की जबलपुर मुख्यपीठ ने स्पष्ट किया कि सुनवाई इंदौर खंडपीठ में होगी।
विवाद का केंद्र यह है कि हिंदू पक्ष इसे 11वीं सदी में राजा भोज द्वारा निर्मित सरस्वती मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला की दरगाह व मस्जिद बताता है।
































