
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शारदापुर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। महिला रितु तिवारी ने आरोप लगाया है कि उसके पति आकाश तिवारी, सास तारावती और ससुर हरिशंकर तिवारी ने मिलकर उसके साथ बर्बरता की। यह मामला महिला पर क्रूरता का ज्वलंत उदाहरण बन गया है।
पीड़िता के अनुसार, 3 जुलाई 2025 की रात उसके पति ने चरित्र शंका को लेकर बहस की। इसके बाद सास-ससुर के साथ मिलकर उसे लात-घूंसों और डंडे से पीटा गया। यही नहीं, उसके हाथ-पैर रस्सियों से बांधकर गर्म चिमटे से चेहरा, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों को जला दिया गया। पीड़िता को 10 दिनों तक एक कमरे में बंद रखा गया। होश आने पर उसने अपनी बच्ची से रस्सियां खुलवाई और परिजनों को बुलाया।
इस मामले में त्रिकुंडा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पति, सास और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में तीनों ने अपराध स्वीकार किया है। घटना में प्रयुक्त गैस चूल्हा, चिमटा, रस्सी और गमछा बरामद किए गए हैं। डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार महिला को गंभीर जलन और चोटें आई हैं।
पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर और टीम की निगरानी में यह कार्रवाई हुई। महिला पर क्रूरता का यह मामला समाज को सोचने पर मजबूर करता है कि घरेलू हिंसा की रोकथाम और संवेदनशीलता कितनी जरूरी है।