

रायपुर: वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य के वन क्षेत्रों में वन्यप्राणियों के अवैध शिकार को रोकने के लिए नियमित बीट पेट्रोलिंग और एंटी स्नेयर वॉक अभियान चलाया जा रहा है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव), छत्तीसगढ़ द्वारा जारी निर्देशों के पालन में सभी वनमण्डलों में पैदल गश्त कर शिकार के लिए लगाए गए फंदों, जाल और तारों की लगातार तलाश की जा रही है।
वन मंत्री केदार कश्यप द्वारा नियमित रूप से वन अधिकारियों की बैठक लेकर अवैध शिकार रोकने के निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके पालन में राज्य के सभी वनमण्डलों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
इसी क्रम में 29 दिसंबर को कोरिया वनमण्डल के पटना सर्किल अंतर्गत कटकोना, टेमरी और अंगा बीट के विभिन्न कक्षों में तथा 30 दिसंबर को तमोर पिंगला अभ्यारण्य के बोंगा खास बीट में वन विभाग की टीम द्वारा एंटी स्नेयर वॉक अभियान चलाया गया। इस दौरान वन्यजीवों के शिकार के लिए लगाए गए फंदे जब्त किए गए, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।इसके अलावा धरमजयगढ़ वनमण्डल में गश्त के दौरान वन्यजीवों को पकड़ने के लिए लगाए गए जाल, सेटरिंग वायर और लकड़ी की खूटियां बरामद की गईं। आमतौर पर शिकारी इन सामग्रियों का उपयोग अवैध शिकार के लिए करते हैं। सभी सामान जब्त कर लिए गए हैं तथा अपराधियों की तलाश की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार एंटी स्नेयर वॉक अभियान चलाए गए हैं। इसी के तहत इन्द्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र से वन्यजीवों के शिकार में उपयोग किया जाने वाला माउथ बम बरामद कर जब्त किया गया था, जिससे एक गंभीर घटना को रोका जा सका।
गत कुछ महीनों में शिकार और विद्युत करंट के माध्यम से वन्यप्राणियों को नुकसान पहुँचाने की घटनाओं को देखते हुए राज्य में यह व्यवस्था की गई है कि वन क्षेत्रों में प्रतिमाह सघन पेट्रोलिंग की जाएगी। पेट्रोलिंग के दौरान शिकारियों द्वारा लगाए गए फंदे, जाल और करंट प्रवाहित करने वाले तारों को हटाकर जब्त किया जाएगा तथा दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इस कार्य में डॉग स्क्वाड की सहायता भी ली जा रही है।






















