CG News: 31 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो गया। अब नक्सली और उनके संगठन मौजूद नहीं हैं। लेकिन इसी के साथ जमीन के भीतर छिपे नक्सल खजाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने करोड़ों रुपये और किलोग्रामों में सोना बरामद किया, जो संगठन की अवैध कमाई का प्रमाण है।

डंप से मिला करोड़ों का कैश और सोना

बीजापुर में नक्सलियों के समर्पण के बाद पुलिस को एक विशाल डंप का पता चला। इसमें लगभग 2 करोड़ 90 लाख रुपये कैश और 7.2 किलो सोना मिला। सोने की कीमत लगभग 11 करोड़ रुपए है, जबकि कुल बरामदगी की कीमत करीब 14 करोड़ रुपए बताई जा रही है। यह खजाना नक्सलियों ने वर्षों तक जंगल में छिपाकर रखा था।

विदेशी सोने का रहस्य

डंप में पाया गया सोना UBS (यूनियन बैंक ऑफ़ स्विट्ज़रलैंड) का था, जो वैश्विक स्तर पर उच्च गुणवत्ता और सुरक्षित बैंकिंग के लिए जाना जाता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि नक्सलियों ने विदेशी कनेक्शन के जरिए यह सोना हासिल किया होगा, क्योंकि इस प्रकार का सोना आम मार्केट में आसानी से उपलब्ध नहीं है।

नोटबंदी के बाद कैश को सोने में बदला

देश में नोटबंदी लागू होने के बाद नक्सलियों के पास 25-30 करोड़ रुपये के नोट बेकार हो गए। इसके बाद उन्होंने अवैध धन को हवाला या अन्य मार्गों से सोने में बदल दिया। इससे उन्हें तीन बड़े फायदे हुए:

भारी रकम को सोने में बदलने से उसका परिवहन आसान हो जाता है।

नोटबंदी का खतरा खत्म हुआ, क्योंकि सोना हमेशा सुरक्षित रहता है।

समय के साथ सोने की कीमत बढ़ती है, जबकि कैश स्थिर रहता है।

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