Chhindwara : में हुए दर्दनाक बस हादसे के बाद अब राहत और सराहना की खबर सामने आई है। Mohan Yadav ने इस हादसे में बहादुरी दिखाने वाले 113 जवानों को नकद राशि देकर सम्मानित करने की घोषणा की है।

ये वही जवान हैं, जिन्होंने हादसे के बाद बिना अपनी परवाह किए नंगे पैर कांच के टुकड़ों पर चलकर घायलों की मदद की और कई जिंदगियां बचाईं।

पहले ही मुआवजे का कर चुके हैं ऐलान

इस हादसे के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये और घायलों को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। उन्होंने खुद मौके की स्थिति का जायजा भी लिया था।

रात के अंधेरे में हुआ भयावह हादसा

छिंदवाड़ा जिले के सिमरिया में हुआ यह हादसा बेहद दर्दनाक था। रात के समय अचानक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें कई यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में मासूम बच्चों सहित करीब 10 लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

ड्यूटी से लौटते जवान बने ‘मसीहा’

जानकारी के अनुसार, PTS Rewa का बल उसी मार्ग से लौट रहा था और दुर्घटनाग्रस्त बस के पीछे चल रहा था। ये जवान मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे।

जैसे ही हादसा हुआ, जवानों ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू कर दिया। कांच और मलबे के बीच नंगे पैर उतरकर उन्होंने घायलों को बाहर निकाला और करीब 40 लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।

साहस और संवेदनशीलता का उदाहरण

सीएम मोहन यादव ने जवानों के इस साहसिक कार्य को मानवता की मिसाल बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसे जज्बे को सम्मानित करना जरूरी है, ताकि समाज में सेवा और समर्पण की भावना को बढ़ावा मिले।

पूरे प्रदेश में हो रही सराहना

इस घटना के बाद जवानों की बहादुरी की हर तरफ सराहना हो रही है। अब उनके सम्मान की घोषणा से यह संदेश भी गया है कि संकट की घड़ी में आगे आने वाले लोगों को सरकार भी सम्मान देती है।

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