


सूरजपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने संकल्प के अनुरूप होली पर्व से पूर्व 28 फरवरी को राज्य के अन्नदाताओं को 10 हजार 324 करोड़ रुपये की आदान सहायता राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड स्थित रहंगी खेल मैदान में आयोजित वृहद किसान सम्मेलन कार्यक्रम से कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के 25 लाख 28 हजार किसानों के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से आदान सहायता राशि अंतरित की।
सूरजपुर जिले के किसानों के लिए भी यह दिन विशेष रहा। जिले के 58 हजार 443 किसानों के खातों में 273 करोड़ 55 लाख 63 हजार रुपये की राशि अंतरित की गई। विधानसभावार आंकड़ो पर नजर डाले तो ओड़गी विकासखंड में 23 करोड़ 99 लाख 95 हजार, प्रतापपुर में 57 करोड़ 57 लाख 99 हजार, प्रेमनगर में 23 करोड़ 13 लाख 98 हजार, भैयाथान में 56 करोड़ 18 लाख 88 हजार व रामानुजनगर में 51 करोड़ 73 लाख 30 हजार और सूरजपुर में 60 करोड़ 91 लाख 52 हजार रूपये की बोनस राशि का वितरण किया गया।
जिले के सभी विकासखंडों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रतापपुर में आ.जा. सेवा सहकारी समिति चन्दौरा, रामानुजनगर में आ.जा. सेवा सहकारी समिति परशुरामपुर, सूरजपुर में आ.जा. सेवा सहकारी समिति केशवनगर, प्रेमनगर में आ.जा. सेवा सहकारी समिति कंचनपुर, भैयाथान में बाजार ग्राउंड चन्द्रमेढ़ा तथा ओड़गी में ग्राम पंचायत प्रांगण ओड़गी में कृषक बंधुओं की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष रेखा राजलाल राजवाड़े ने कहा कि धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है क्योंकि आज कृषक बंधुओं के अथक मेहनत को शासन सम्मानित कर रहीं है। सरकार ने कृषकों के उत्पान का मूल्य उपलब्ध कराने के उद्देश से कृषि उन्नति योजना शुरू की है। यह योजना किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आने वाले पीढ़ीयों को भी कृषि व्यवसाय से जुड़ने की बात कही और उपस्थित समस्त किसान बंधुओ को होली पर्व की शुभकामनाए दी।
कलेक्टर एस. जयवर्धन ने उपस्थित कृषक बंधुओं को आज के दिवस की बधाई देते हुए कहा कि किसान इस देश की रीढ़ है। इसके साथ ही उन्होने कार्यक्रम के उपस्थित जनों को पंजीकृत कृषक व कृषि संबंधित आकड़ो से अवगत कराया। इस अवसर पर उन्होने कृषक बंधुओ को फसल विविधिकरण व जल संचय/जल संरक्षण जैसे विषयों से भी अवगत कराया। इसके साथ ही एग्रीस्टेक पंजीयन का जिक्र करते हुए कृषक बंधुओ से अपील की कि वर्तमान में जो भी कृषक एग्रीस्टेक मे ंपंजीयन नही करा पाये हैं वो स्वयं व अपने अन्य कृषक साथियों का पंजीयन कराना सुनिश्चित करें।
कृषि उपसंचालक सम्पदा पैकरा ने इस अवसर पर उपस्थित कृषक बंधुओं को केंद्र शासित व राज्य शासित योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही कृषि के लिए आवश्यक बीज एवं खाद उत्पाद के अग्रिम उठाव के बात कहीं ताकि समय से पहले कृषक बंधु अपना भण्डारण सुरक्षित कर सुगमता पूर्वक खेती कर सकें।
गौरतलब है कि कृषक उन्नति योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य प्रदान कर रही है, जो देश में सर्वाधिक है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य के 25 लाख 28 हजार किसानों से समर्थन मूल्य पर 141 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत अब तक किसानों को 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की आदान सहायता दी जा चुकी है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एवं अन्य किसान हितैषी योजनाओं सहित राज्य के अन्नदाताओं को 1.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई है। वर्ष 2026-27 के बजट में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना हेतु 600 करोड़ रुपये, सिंचाई पंपों को निःशुल्क बिजली के लिए 5500 करोड़ रुपये तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष रामानुजनगर गुलाब सिंह, जनपद सदस्य इन्जोरिया, रोहित सिंह, कवल साय, सुमार साय, संत साहू, कपिल पाण्डेय, पवन सिंह, रामलाल राजवाड़े, सुन्दर सिंह, विजय प्रताप सिंह, जनप्रतिनिधि, कृषक बंधु, एसडीएम शिवानी जायसवाल, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
































