

MP News: ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से झटका लगा है. ग्वालियर खंडपीठ ने महाविद्यालय की इन हाउस सीधी भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया है. उच्च न्यायालय ने इसे अवैध करार दिया है. अदालत ने साफ किया कि इस प्रक्रिया में पूर्व सेवा रिकॉर्ड का कोई महत्व नहीं होता है. इस वजह से प्रमोशन की कतार में लगे उम्मीदवारों के अधिकार प्रभावित होते हैं.
क्या है पूरा मामला?
गजराराजा मेडिकल कॉलेज ने सीधी भर्ती के लिए निकाले गए विज्ञापन और प्रक्रिया को याचिकाकर्ता डॉ आशीष कौशल ने हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में चुनौती दी थी. उन्होंने अपने वकील एसएस गौतम के माध्यम से याचिका दायर की. कॉलेज के ऑर्थोपेडिक्स डिपार्टमेंट में प्रोफेसर के खाली पदों को प्रमोशन के जरिए भरने की मांग की गई थी. याचिका में कहा गया है कि वे साल 2013 से एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं. इस वजह से वे प्रमोशन के पात्र हैं.
हाई कोर्ट ने प्रक्रिया को अवैध ठहराया
इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने प्रक्रिया को अवैध ठहराया. कोर्ट ने कहा कि बगैर सही प्रक्रिया अपनाये प्रमोशन के पदों को सीधी भर्ती में बदला जाना गलत है. इसके साथ ही 6 फरवरी 2026 को जारी इन हाउस सीधी भर्ती प्रक्रिया के विज्ञापन को रद्द कर दिया गया.
कॉलेज का क्या कहना है?
हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए गजराराजा मेडिकल कॉलेज ने कहा कि उच्चतम न्यायालय में आरबी राय प्रकरण लंबित है. इसके साथ ही यथास्थिति आदेश का दिया गया था. इसी वजह से पदोन्नति संभव नहीं हो पा रही थी. इसी के विकल्प में इन हाउस सीधी भर्ती प्रक्रिया को अपनाया गया.

































