रायपुर: छत्तीसगढ़ के चन्द्रखुरी स्थित कौशल्या माता धाम में प्रभु श्रीराम की भव्य 51 फीट ऊंची वनवासी स्वरूप वाली नई प्रतिमा स्थापित होने जा रही है। ग्वालियर से मूर्ति लाने के लिए विशेष टीम रवाना हो चुकी है, जो शीघ्र ही शुभ मुहुर्त में इसे स्थापित करेगी। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रयासों से यह धार्मिक स्थल और भव्य बनेगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने समय पर यह कार्य पूरा होने पर पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और कहा कि कौशल्या माता धाम में प्रभु श्रीराम की भव्य प्रतिमा की स्थापना छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध करेगी। 

नई प्रतिमा का विशेष स्वरूप

भगवान श्रीराम की यह प्रतिमा वनवासी रूप में तैयार की गई है, जो वर्तमान मूर्ति की जगह लेगी। ग्वालियर सेंड स्टोन आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर पर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित मूर्तिकार  दीपक विश्वकर्मा के नेतृत्व में इसका निर्माण पूरा हो चुका है। प्रतिमा की खासियत 108 मनके रुद्राक्ष का उत्कीर्णन है, जो इसे अद्वितीय बनाता है।

छत्तीसगढ़ सरकार का सकारात्मक कदम

क़पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के संचालक  विवेक आचार्य ने बताया कि पूर्व प्रतिमा टीसीआईएल संस्था के द्वारा लगाई गई थी, जो अपेक्षित गुणवत्ता की नहीं थी। सरकार ने तुरंत रिप्लेसमेंट की मांग की और ग्वालियर के प्रसिद्ध कलाकार को कार्य सौंपा। यह निर्णय माता कौशल्या धाम की गरिमा बढ़ाने और धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

स्थापना से धाम की नई पहचान

प्रतिमा स्थापना से कौशल्या माता धाम धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा, जहां देशभर से भक्त दर्शन को आएंगे। लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ेंगे, जो छत्तीसगढ़ की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई देगा। यह राज्य सरकार की धार्मिक स्थलों के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!