


MP News: मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले की आध्यात्मिक पहचान को एक नया और भव्य आयाम मिला है। शिवना नदी के तट पर विकसित किए गए पशुपतिनाथ लोक का गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधिवत लोकार्पण किया। महाकाल लोक की तर्ज पर तैयार किया गया यह परिसर श्रद्धा, शिल्प और साधना का सुंदर संगम बनकर उभरा है, जो श्रद्धालुओं को एक नया आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगा।
करीब दो वर्षों की अवधि में निर्मित पशुपतिनाथ लोक 6.2 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इसके निर्माण पर लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत आई है। पूरे परिसर को राजस्थान के लाल पत्थरों से तैयार किया गया है, जिसमें पारंपरिक नक्काशी और भारतीय स्थापत्य कला की समृद्ध झलक देखने को मिलती है। हर संरचना में बारीकी से किया गया शिल्प कार्य इस लोक को विशेष बनाता है।
इस परिसर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित दुर्लभ अष्टमुखी शिवलिंग है, जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसके साथ ही विशेष लाइटिंग व्यवस्था, पशुपतिनाथ के इतिहास और पौराणिक महत्व को दर्शाती भित्ति चित्र श्रद्धालुओं को भगवान शिव की आराधना से भावनात्मक रूप से जोड़ते हैं। परिसर में स्थापित 22 फीट ऊंचा त्रिनेत्र भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकार्पण के दौरान कहा कि पशुपतिनाथ लोक मंदसौर को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। यह स्थान न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को मजबूत करेगा, बल्कि क्षेत्र के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को भी बढ़ाएगा।































