अम्बिकेश गुप्ता

कुसमी। शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान के सुरक्षित भंडारण में लापरवाही का मामला सामने आया है। सहकारी समिति भूलसी कला में हजारों क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है, जो शुक्रवार शाम आई तेज आंधी और बारिश में भीग गया।

जानकारी के अनुसार समिति द्वारा किसानों से धान की खरीदी तो कर ली गई, लेकिन उसके बाद उचित भंडारण की व्यवस्था नहीं की गई। धान को खुले में ही रखा गया और उसे सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त तिरपाल या प्लास्टिक कवर का उपयोग भी नहीं किया गया। इससे पहले से ही धान की गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी, जिस पर अब बारिश ने और गंभीर असर डाल दिया है।

धान का समय पर उठाव नहीं होना भी एक बड़ी समस्या बनकर सामने आई है। मिलिंग के लिए धान का परिवहन समय पर नहीं होने के कारण लंबे समय से धान खुले में पड़ा हुआ है। इससे न केवल गुणवत्ता खराब होने की आशंका है, बल्कि किसानों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ सकता है।

बारिश के दौरान किसानों ने स्वयं तिरपाल आदि की मदद से धान को बचाने की कोशिश की, लेकिन पर्याप्त संसाधन नहीं होने के कारण बड़ी मात्रा में धान भीग गया। भीगा हुआ धान खराब होने की कगार पर पहुंच गया है, जिससे सरकारी खरीदी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

किसानों का आरोप है कि हर साल इसी तरह की स्थिति बनती है, जहां खरीदी तो कर ली जाती है लेकिन भंडारण और परिवहन की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है।

ग्रामीणों और किसानों ने मिडिया के माध्यम प्रशासन से मांग की है कि तत्काल धान का उठाव कर मिलिंग की प्रक्रिया शुरू कराई जाए, साथ ही भविष्य में पर्याप्त गोदाम और सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि इस तरह की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो

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