

अंबिकापुर: सरगुजा पुलिस ने ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए अंतर्राज्यीय गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 37 लाख रुपये का सामान बरामद किया गया है। यह कार्रवाई डीआईजी एवं एसएसपी के निर्देशन में कोतवाली थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने की।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पुराने परिचय का फायदा उठाकर प्रार्थी को झांसे में लिया। एक महिला, जो पिछले 7-8 वर्षों से घर में घी बेचने आती थी, उसने ने खुद को राजस्थान के किशनगढ़ की निवासी बताकर भरोसा जीता। होली से पहले वह नकली सोने का बिस्किट लेकर आई और प्रार्थी को गहना बनवाने का झांसा दिया।घटना के दिन महिला अपने दो साथियों के साथ प्रार्थी के घर पहुंची और जल्द शादी का हवाला देकर असली जेवरात और नगदी मांग ली। झांसे में आकर प्रार्थी ने करीब 200 ग्राम सोने के जेवरात और 15 लाख रुपये नगद दे दिए। कुछ देर बाद जब शक हुआ तो सोने का बिस्किट जांच कराने पर नकली निकला, जिसके बाद मामले की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने अपराध दर्ज कर विशेष टीम गठित की। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर गुजरात और प्रयागराज में दबिश दी गई। पुलिस ने दो आरोपियों को गुजरात और दो को प्रयागराज से गिरफ्तार किया।गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कुल 20 लाख 31 हजार रुपये नगद, करीब 100 ग्राम सोने के दो कड़े और 4 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने ठगी की वारदात कबूल की है। साथ ही यह भी बताया कि बाकी सोना प्रयागराज में एक सोनार को बेच दिया गया है।
पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है और मामले की आगे की जांच जारी है। साथ ही इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।

































