


बलरामपुर/कुसमी।बलरामपुर जिले के कुसमी थाना अंतर्गत कुसमी के हंसपुर गांव में एक आदिवासी वृद्ध की मौत के बाद तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। सर्व आदिवासी समाज, परिजनों व कांग्रेसियों ने मृतक रामनरेश उरांव का शव लेने से इंकार कर दिया। वही मृतक के परिजनों को 1 करोड़ रुपए व सरकारी पद पर नौकरी की मांग पर अड़े हुए हैं। सुबह से दोपहर तक व्यापारियों ने अपनी प्रतिष्ठाने बंद रखी थी। बस स्टैंड पर धरना पर बैठ हुए हैं। पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी के निर्देश पर पुलिस ने राजस्व विभाग के भ्रष्ट एसडीएम करुण कुमार डहरिया सहित चार लोगों को बीती रात्रि रामानुजगंज जेल में दाखिल किया। कुसमी पुलिस छावनी में तब्दीक है।
बलरामपुर जिले के कुसमी में पदस्थ एसडीएम करुण कुमार डहरिया जैसे भ्रष्ट अधिकारी ने पूरे छत्तीसगढ़ को शर्मसार कर दिया है। आश्चर्य की बात है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारी के ऊपर कुछ सत्ताधारी राजनीतिक नेताओं व अफसरों का छत्रछाया प्राप्त है जिन्होंने इन्हें खुली छूट दे रखी थी। सूत्रों ने बताया कि सत्ताधारी राजनीतिक नेताओं ने एसडीएम करुण कुमार डहरिया को कुसमी में एसडीएम के पद पर बैठाने के पीछे अवैध वसूली, जमीन में हेराफेरी, बेगुनाहों को परेशान करना जैसे कई मामले सामने आ रहे हैं। एसडीएम ने अपने साथ कुछ गुर्गे दलाली करने के लिए पाल रखे हैं।
आपको बता दे एसडीएम करुण कुमार डहरिया के ऊपर कई आरोप पहले भी लग चुके है, एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), आदि जैसे प्रकरण चल रहे है। एसडीएम करुण कुमार डहरिया कुसमी में जब से पदस्थ हुए है उच्च स्तरीय जांच हो जाए तो कई फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है। आश्चर्य की बात अब यह है कि एसडीएम के जेल जाने के बाद अब उनके गुर्गों का क्या होगा।

































