मध्य प्रदेश : में बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों की जांच के दौरान इस बार कुछ अलग ही दृश्य देखने को मिले। ग्वालियर के मूल्यांकन केंद्र में 10वीं और 12वीं की लाखों उत्तर पुस्तिकाएं जांची गईं, जहां कई छात्रों ने सवालों के जवाब देने के बजाय अपनी निजी बातें लिख डालीं। इन जवाबों ने शिक्षकों को भी हैरान कर दिया।

उत्तर पुस्तिकाओं में लिखी गईं निजी कहानियां

मूल्यांकन के दौरान कई कॉपियों में छात्रों ने अपनी परेशानियां, भावनाएं और व्यक्तिगत हालात लिखे। कोई अपनी पारिवारिक स्थिति बता रहा था, तो कोई रिश्तों में आई परेशानी साझा कर रहा था। कुछ छात्रों ने सीधे तौर पर पास करने की अपील भी की।

करीब 2 लाख 66 हजार से अधिक कॉपियों की जांच में सौ से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाओं में इस तरह के संदेश देखने को मिले।

पास करने के लिए अजीब आग्रह

कई छात्रों ने शिक्षकों से भावनात्मक अपील करते हुए अलग-अलग तरह की बातें लिखीं। एक छात्र ने लिखा कि उसे पास कर दिया जाए, वह बदले में शिक्षक की शादी करवा देगा। वहीं एक छात्रा ने अपनी शादी का हवाला देते हुए फेल न करने की गुहार लगाई।

एक अन्य छात्र ने लिखा कि यदि वह फेल हो गया तो उसका ब्रेकअप हो जाएगा, इसलिए उसे पास कर दिया जाए।

पढ़ाई से ज्यादा भावनात्मक अपील पर भरोसा

इन घटनाओं से यह साफ झलकता है कि कुछ छात्र पढ़ाई की बजाय भावनात्मक अपील के सहारे पास होने की उम्मीद लगा रहे हैं। कई छात्राओं ने कॉपियों में यह भी लिखा कि उनकी शादी तय है और फेल होने पर परिवार में समस्या खड़ी हो सकती है।

कुछ छात्रों ने घर की आर्थिक स्थिति और माता-पिता की बीमारी का जिक्र करते हुए पढ़ाई न कर पाने की वजह भी बताई।

शिक्षा व्यवस्था के लिए संकेत

कॉपियों में इस तरह के संदेश यह संकेत देते हैं कि छात्रों के बीच पढ़ाई को लेकर दबाव और मानसिक स्थिति पर ध्यान देने की जरूरत है। यह केवल परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि शिक्षा प्रणाली के सामने एक गंभीर सामाजिक पहलू भी उजागर करता है।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!