सूरजपुर: जिले में फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनजागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में  09 फरवरी 2026 को प्रेमनगर ब्लॉक स्थित शासकीय महाविद्यालय में फाइलेरिया जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को इस गंभीर बीमारी के कारण, लक्षण, बचाव और दवा सेवन की अनिवार्यता के बारे में जागरूक करना था।

कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के छात्र-छात्राओं को बैनर, पोस्टर, पंपलेट और ऊंचाई मापक टेप के माध्यम से विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि फाइलेरिया एक संक्रमित मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है, जो धीरे-धीरे शरीर के अंगों में सूजन, विकृति और स्थायी अपंगता का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों ने बताया कि यह रोग वर्षों तक बिना लक्षण के शरीर में पनपता रहता है, जिससे समय पर उपचार नहीं होने पर स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है।

छात्रों को यह भी समझाया गया कि सामूहिक रूप से दवा सेवन करने से ही इस बीमारी का उन्मूलन संभव है। उन्हें स्वयं दवा लेने के साथ-साथ अपने परिवारजनों को भी दवा सेवन कराने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि किन व्यक्तियों को दवा नहीं लेनी चाहिए, जैसे गर्भवती महिलाएं, गंभीर रूप से बीमार लोग एवं छोटे बच्चे।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों द्वारा पूछे गए अनेक सवालों के विशेषज्ञों ने सरल भाषा में उत्तर दिए। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य, बीटीईओ, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने फाइलेरिया मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह अभियान तीन चरणों में संपन्न होगा। पहले चरण में 10 से 12 फरवरी तक जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में विशेष बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जाएगा। दूसरे चरण में 13 से 22 फरवरी तक स्वास्थ्य कर्मी और मितानिन घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाएंगे। तीसरे और अंतिम चरण में 23 से 25 फरवरी तक उन लोगों को मॉप-अप राउंड के तहत दवा दी जाएगी, जो किसी कारणवश पहले चरणों में छूट गए होंगे।

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