रायपुर। खाड़ी देशों में तरबूज के निर्यात पर रोक लगने से छत्तीसगढ़ के किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो गई है। बेहतर उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय बाजार से अच्छी कीमत की उम्मीद के बावजूद वैश्विक हालात, खासकर अमेरिका-ईरान तनाव, निर्यात को पूरी तरह प्रभावित कर रहे हैं। इसका सीधा असर किसानों की आय पर पड़ा है।

निर्यात बंद, फसल मंडियों में फंसी

प्रदेश से मुंबई और विशाखापत्तनम के जरिए संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और ओमान जैसे देशों में तरबूज भेजा जाता था। अब निर्यात बंद होने के कारण फसल स्थानीय मंडियों में ही अटक गई है। इससे बाजार में आपूर्ति बढ़ गई और कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली।

उत्पादन आंकड़े

  • इस वर्ष लगभग 10 हजार एकड़ में तरबूज और 7 हजार एकड़ में खरबूज की खेती हुई।
  • रायपुर समेत कई जिलों में बड़े पैमाने पर उत्पादन हुआ।
  • प्रति एकड़ औसतन 35 टन उत्पादन के हिसाब से कुल उत्पादन लगभग 5.88 लाख टन तक पहुंचा।

कीमतों में गिरावट, नुकसान का अनुमान

  • स्थानीय मंडियों में कीमतें गिरकर 7-8 हजार रुपये प्रति टन रह गई हैं, जबकि पिछले साल यह 20-25 हजार रुपये प्रति टन थी।
  • प्रति टन लगभग 12 हजार रुपये का नुकसान होने से किसानों को कुल मिलाकर 300 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति का अनुमान है।

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