अम्बिकेश गुप्ता

बलरामपुर/कुसमी। छत्तीसगढ़-झारखण्ड सीमावर्ती इलाके में भले ही सरकार के तंत्र धान पकड़ने का दावा कर रहें हैं पर सक्रिय दलाल आज भी बंजर भूमि पर धान खपत करने में सफल हो जा रहें हैं। बलरामपुर जिला के कुसमी अनुविभाग अंतर्गत सामरी समिति इस मामले में जांच के घेरे में हैं. कभी नक्सलियों की आतंक से प्रभावित यह इलाका अब दलालों का अड्डा बन चूका हैं. इस तरह के मामलें में जिम्मेदार कौन हैं यह जांच का विषय हैं।

ग्राउंड जीरो के रिपोर्ट के अनुसार सामरी धान समिति में ग्राम पंचायत चुनचुना, पुंदाग, सबाग, कुदाग व सामरी में सक्रिय दलाल हर वर्ष की तरह शासन – प्रशासन के नए-नए नियम कायदो के बाद भी अवैध तरीके से समिति में धान खपत कर रहें हैं। जिससे शासन को क्षति पहुंच रही हैं।

सूत्रों ने बताया कि कोचियों ने पटवारी से मिलीभगत कर बंजर भूमि पर भी धान का सत्यापन करा लिया. जिससे उस जमीन का धान भी सोसाइटी में बिक रहा है. जबकि बाहर का धान समिति में खपाया जाना गैर कानूनी हैं। वहीं धान के सत्यापन के पूर्व खेत में गिरदावरी की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता हैं तो इस तरह का कारनामा सामने आना धान खरीदी में धांधली (गड़बड़ी) की ओर इशारा करता है। जिसमें गलत सत्यापन और अवैध धान की बिक्री शामिल हैं। यह मामला जिला प्रशासन के लिए चुनौती भरा हैं. अक्सर कलेक्टर अपने अधीनस्थ के अधिकारियों को सतर्क रहने और कोचियों पर कार्रवाई के निर्देश देते हैं। जबकि किसानों को भी एग्रीस्टैक पोर्टल में सही जानकारी दर्ज करानी होती है। इसके बाद भी सामरी धान समिति में धांधली का मामला सामने आना उस पूरी सिस्टम पर सवाल खड़ी कर रहा हैं. जिन पर जिम्मेदारीयां सौपी गई हैं। निष्पक्षता व गंभीरता से इस मामलें की जाँच की जाए तो कई एकड़ बंजर भूमि में धान का सत्यापन किया जाना सामने आ सकता हैं। समय रहते इस ओर कार्रवाई नहीं की गई तो शासन को लाखों रूपये की क्षति पहुंचेगी।

कई किसानों के खेत में धान का पैदावार नहीं पर समिति में पंजीयन

ग्राउंड जीरो रिपोर्ट के अनुसार यह भी जानकारी सामने आई हैं की उक्त ग्राम पंचायतो में कई किसानों ने सांठ-गांठ व कमीशन देकर अपनी जमीन का समिति में पंजीयन कराने के लिए गिरदावरी करवा लिया हैं. जबकी धान फसल की उगाई भी नहीं गई हैं तथा कई जमीन पैदावार के लायक भी नहीं हैं। इस तरह के खसरा का पंजीयन करा कर बिचौलियों द्वारा किसानों को पैसे का प्रलोभन देकर भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा हैं।

कहीं फर्जीवाडा पकड़ा न जाए इसलिए अनोखा खेल

सक्रिय दलालों ने चिन्हित किसान जिनके बंजर भूमि पर धान का गिरदावरी कराया गया उन किसानों का फर्जी पंजीयन पकड़ में न आ सकें इसलिए समिति में पंजीकृत कृषकों की सूची में ग्राम पंचायत का नाम बदलाव तक कर दिया गया हैं. जबकी जांच करने पर जिन कृषकों का नाम भौतिक स्थल पर दिख रहा हैं उनका नाम सूची में अनयंत्र ग्राम पंचायत में जोड़ा गया हैं. पूरा मामला जाँच का विषय हैं।

वर्ष 2023 में बलरामपुर कलेक्टर तक पहुंची थीं शिकायत

पुख्ता जानकारी सामने आई हैं की वर्ष 2023 में चुनचुना व पुंदाग के सक्रिय दलालों का नामजद शिकायत पत्र तत्कालीन बलरामपुर कलेक्टर तक पहुंची थीं तथा कलेक्टर द्वारा कुसमी के तत्कालीन एसडीएम को शिकायत के सन्दर्भ में जांच व कार्यवाही के आदेश दिए थे. ठोस कार्यवाही नहीं किए जाने के कारण आज भी दलाल सक्रिय होकर हेराफेरी करने में जुटे हुए हैं।

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