

MP News:ग्वालियर स्थित जीवाजी विश्वविद्यालय एक बार फिर अपनी परीक्षा व्यवस्था को लेकर विवादों में आ गया है। बीएससी तृतीय वर्ष के फिजिक्स विषय का प्रश्नपत्र निर्धारित तिथि से तीन दिन पहले ही खोलकर छात्रों में बांट दिया गया, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं।
छात्रों ने बताई पूरी घटना
परीक्षार्थियों के अनुसार, उन्हें गलती से गलत प्रश्नपत्र वितरित कर दिया गया। जब इस पर उन्होंने पर्यवेक्षक को जानकारी दी तो तत्काल हड़कंप मच गया। इसके बाद छात्रों से पेपर वापस लिया गया और सही प्रश्नपत्र दिया गया, लेकिन तब तक मामला बिगड़ चुका था।
प्राचार्य ने की त्वरित कार्रवाई
घटना सामने आने के बाद प्रबंधन ने सख्त कदम उठाते हुए परीक्षा अधीक्षक डॉ शीमा कुरैशी को पद से हटा दिया। यह मामला भिंड जिले के आरोन क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां यह गंभीर लापरवाही सामने आई।
पेपर लीक की आशंका में परीक्षा रद्द
विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में बुधवार से परीक्षाएं शुरू हुई थीं। पहले ही दिन हुई इस गड़बड़ी के बाद पेपर लीक की आशंका जताई गई। इसके चलते विश्वविद्यालय ने 4 अप्रैल को होने वाली परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है। जानकारी के मुताबिक इस परीक्षा में करीब 20 हजार छात्र शामिल हो रहे थे।
नया पेपर और टाइम टेबल तैयार
जीवाजी विश्वविद्यालय ने नए प्रश्नपत्र तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परीक्षा नियंत्रक डॉ आशा कुमारी के अनुसार अब यह परीक्षा मई में आयोजित की जाएगी और नई समय सारिणी जल्द जारी की जाएगी।
पहले से विवादों में रही परीक्षा व्यवस्था
गौरतलब है कि हाल के दिनों में विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली पहले ही सवालों के घेरे में थी। नकल के आरोपों को लेकर छात्र संगठन एनएसयूआई द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था और कथित नकल के वीडियो भी सामने आए थे।
एक गलती से हजारों छात्रों पर असर
इस घटना ने साफ कर दिया है कि परीक्षा प्रबंधन में एक छोटी सी चूक भी हजारों छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि विश्वविद्यालय आगे ऐसी लापरवाही से कैसे बचता है।

































