CG News: दंतेवाड़ा में तैनात उप पुलिस अधीक्षक कल्पना वर्मा को निलंबित कर दिया गया है. गृह विभाग ने निलंबन का आदेश जारी करके ये सूचना दी. प्राथमिक जांच में उनके खिलाफ लगाए आरोप सही साबित पाए गए हैं. जांच में पाया गया है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया. उनके बयानों और व्हाट्सएप चैट में भी समानता नहीं दिखी. इसके साथ ही बेहिसाब संपत्ति अर्जित की. डीएसपी कल्पना वर्मा पर कारोबारी ने वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप लगाया था.

पुलिस मुख्यालय भेजा गया
डीएसपी कल्पना वर्मा पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की गई है. इसके नियम 9 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. उन्हें नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में अटैच कर दिया गया है. पद से निलंबित रहने के दौरान उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा.

क्या है पूरा मामला?
रायपुर के कारोबारी दीपक टंडन ने खम्हारडीह पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई कि डीएसपी कल्पना वर्मा ने उनके साथ करीब दो करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है. इसके साथ ही कारोबारी ने डीएसपी के साथ अपनी व्हाट्सएप चैट, होटल के सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपे थे. व्यापारी ने आरोप लगाया था डीएसपी ने उन्हें फर्जी प्रकरणों में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी थी.

कारोबारी ने पुलिस को बताया था कि दोनों की मुलाकात साल 2021 में हुई थी. दोनों के बीच धीरे-धीरे रिश्ता गहरा होता गया और इस दौरान डीएसपी ने कई बार पैसे मांगे. दीपक टंडन ने आरोप लगाते हुए कहा कि डीएसपी को 12 लाख रुपये हीरे की अंगूठी, 5 लाख रुपये की सोने की चेन समेत दूसरे गहने गिफ्ट किए.

कौन हैं DSP कल्पना वर्मा?
डीएसपी कल्पना वर्मा छत्तीसगढ़ पुलिस में साल 2017 बैच की अफसर हैं. वे मूलरूप से रायपुर की रहने वाली हैं. दंतेवाड़ा से पहले उनकी पोस्टिंग साल 2021 में महासमुंद में हुई थी. इसी दौरान उनकी बैचमेट के जरिए उनकी पहचान कारोबारी दीपक टंडन से हुई और मोबाइल नंबर एक्सचेंज हुआ.

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